लॉकडाउन में फंसे लोगों की मदद के लिए आगे आई शिवराज सरकार, जारी करेगी ई-पास

प्रवासी मज़दूरों की अवैध ढुलाई पर एमपी सरकार सख्त
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ई-पास (E-Pass) की सुविधा इंदौर (Indore), भोपाल (Bhopal) व उज्जैन (Ujjain) के साथ जिलों के कंटन्मेंट क्षेत्रों में नहीं दी जाएगी.

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भोपाल. लॉकडाउन (Lockdown) में फंसे लोगों को उनके गंतव्‍य तक पहुंचाने के लिए मध्‍य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने ई-पास जारी करने का फैसला किया है. यह ई-पास मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के विभिन्‍न इलाकों में फंसे लोगों के साथ-साथ उन लोगों को भी जारी किया जाएगा, जो मध्‍य प्रदेश के नागरिक हैं और दूसरे राज्‍यों में लॉकडाउन के चलते फंसे हुए हैं. शिवराज सरकार के इस फैसले को तत्‍काल प्रभाव से लागू करने के लिए राज्‍य कंट्रोल रूम की बागडोर संभाल रहे अपर मुख्‍य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्‍टर और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी कर दिए हैं. अपर मुख्‍य सचिव की तरफ से जारी निर्देशों में संबंधित अधिकारियों को लॉकडाउन में फंसे लोगों की मदद करने और उन्‍हें गंतव्‍य तक पहुंचने के लिए ई-पास (E-Pass) जारी करने को कहा गया है.

शिवराज सरकार ने मानी लॉकडाउन में फंसे लोगों की मांग
बता दें कि बड़ी संख्‍या में मध्‍य प्रदेश मूल के लोग दूसरे राज्‍यों में फंसे हुए हैं. इसी तरह, मध्‍य प्रदेश में भी ऐसे लोगों की बड़ी है जो दूसरे राज्‍यों के हैं और लॉकडाउन के चलते मध्‍य प्रदेश के विभिन्‍न इलाकों में फंसे हुए हैं. दूसरे राज्‍यों में होने के चलते इन लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बीते दिनों, इन लोगों ने सरकार से मदद मांगते हुए कहा था कि यदि उन्‍हें अनुमति मिलती है, तो वह अपने साधन या साधन की व्‍यवस्‍था कर घर जाने के लिए तैयार हैं. वहीं, राज्‍य सरकार ने लॉकडाउन में फंसे इन लोगों की मदद करने का फैसला करते हुए सभी को ई-पास जारी करने का आदेश जारी कर दिया है. उल्‍लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया था.

इस तरह हासिल कर सकते हैं आप अपना E-Pass
मध्‍य प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश पर अमल करते हुए अब संबंधित विभागों ने ई-पास जारी करने की प्रकिया शुरू कर दी है. संबंधित विभागों की तरफ से कहा गया है कि लॉकडाउन में फंसे हुए वे लोग, जो अपने साधनों से वापस जाना चाहते हैं, वे अपना आवेदन http://mapit.gov.in/covid-19 पर कर सकेंगे. उनके द्वारा आवेदन किये जाने के बाद ई-पास संबंधित जिलों द्वारा जारी किये जाएंगे. इसी प्रकार, प्रदेश के बाहर रूके लोग अपने संसाधन से अगर प्रदेश में आना चाहते हैं, तो वे भी उक्त पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेंगे. जिसके बाद, आवेदक जिस जिले में वापस आ रहे हैं, उस जिले के अधिकारी द्वारा ई-पास जारी किया जा सकेगा.



इन शहरों में फंसे लोगों को नहीं मिलेगी यह सुविधा
उपरोक्त दोनों ई-पास जारी करने की प्रक्रिया पूर्ववत जारी पारिवारिक सदस्यों की मृत्यु, परिवार के सदस्‍य की चिकित्सीय आकस्मिकता के अतिरिक्त होगी. ये दोनों ही सुविधाएं इंदौर, भोपाल व उज्जैन में नहीं दी जा सकेगी. वहां मात्र पारिवारिक सदस्यों की मृत्यु पर चिकित्सीय आकस्मिकता अथवा विशेष परिस्थितियों में पूर्ववत् ही अनुमतियां जारी की जाएंगी. इसके अलावा, जिलों के कंटन्मेंट क्षेत्रों से भी आवागमन प्रतिबंधित रहेगा. प्रदेश में आने वाले व्यक्तियों का रिकार्ड रखा जाएगा और आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाएगा. साथ ही, इस सुविधा का लाभ उठाने वालों को 14 दिनों के होम क्वेरेनटाईन में भी रहना होगा.

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