सीधी : बेटे की हत्या के बाद लाश नहीं मिली तो पिता ने पुतले का किया अंतिम संस्कार
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सीधी : बेटे की हत्या के बाद लाश नहीं मिली तो पिता ने पुतले का किया अंतिम संस्कार
आरोपी की बेटी से मृतक की दोस्ती थी. हत्या की यही वजब बनी

3 महीने से बेटा लापता है. पिता पुलिस (Police) के चक्कर काट रहा था. अब पता चला कि उसकी तो तीन महीने पहले ही हत्या (murder) कर दिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 14, 2020, 8:36 PM IST
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सीधी.सीधी (Sidhi) में एक पिता ने अपने जवान बेटे के पुतले का अंतिम संस्कार किया. ये कोई टोटका नहीं है बल्कि बेटा तीन महीने से लापता था. अब पता चला कि बेटे (Son) की तो हत्या कर लाश नदी में फेंक दी गयी. पुलिस (Police) लाश बरामद नहीं कर पायी. बेटे को खो चुके पिता को उसके अंतिम दर्शन तक नसीब नहीं हुए. मजबूर पिता ने पुतले का अंतिम संस्कार कर अपनी ज़िम्मेदारी पूरी निभायी.

कहते हैं पिता के कंधे पर सबसे बड़ा बोझ होता है बेटे की अर्थी. और उस पिता के दर्द का अंदाज़ लगाइए जो अपने बेटे का आखिरी बार चेहरा तक न देख पाया हो. मामला सीधी ज़िले के जमोड़ी थाना इलाके के पड़रा गांव का है. यहां रहने वाला 16 साल का अजित गौतम तीन महीने से लापता था. परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी लेकिन पुलिस ने कुछ मदद नहीं की. इस बीच परिवार को खबर लगी कि अजित की तो गांव के ही कुछ लोगों ने 18 जून को हत्या कर दी थी और उसकी लाश को ऑटो में भरकर चुरहट स्थित सोन नदी के पुल से नीचे फेंक आए थे.

दर्द से टूटे पिता के साथ पुलिस की बेदर्दी
जब पिता ने अपने बेटे की हत्या की खबर दी, तब कहीं जाकर पुलिस का दिल पसीजा और अब अजित के हत्यारों को गिरफ्तार किया. लेकिन पुलिस मृतक अजित गौतम का शव बरामद नहीं कर सकी.आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल में कब्र खोदी लेकिन अजित की लाश नहीं मिली. सिर्फ उसकी चप्पलें मिलीं. उसके बाद पुलिस ने आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपियों ने बताया कि हत्या के बाद उन्होंने अजित की लाश सोन नदी में फेंक दी थी. नदी में काफी खोजबीन की गयी पर कुछ न मिला.
पिता ने ये फर्ज़ भी निभाया


बेटे के घर लौटनी आस लगाए माता-पिता को उसकी मौत की खबर मिली. मौत भी ऐसी कि बेटे के अंतिम दर्शन तक नहीं कर सके. जब अजित की लाश मिलने की उम्मीद न बची तो परिवार ने उसकी याद में प्रतिकात्मक पुतला बनाकर हिंदू रीति रिवाज के मुताबिक पुतले का अंतिम संस्कार किया.

इसलिए हुई थी हत्या
पुलिस ने अजित की हत्या के आरोप में बलीकरण साकेत ,लखन उर्फ राकेश साकेत, अभय साकेत और सुनील साकेत को गिरफ्तार किया है. मामला प्रेम प्रसंग का था. बलीकरण की बेटी से अजित की दोस्ती थी, इस पर बलीकरण को आपत्ति थी. इसी वजह से उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अजित की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी थी. आरोपी अलग-अलग बयान दे रहे हैं. दो का कहना है कि हत्या के बाद लाश सोन नदी में फेंक दी. जबकि बाकी दो कह रहे हैं कि लाश गढ्ढे में गाड़ दी. लेकिन गढ्ढे की खुदाई करने पर वहां अजित की सिर्फ चप्पलें मिली हैं.
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