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सीधी बस हादसा : हर आंख नम हो गयी जब एक साथ निकलीं पति-पत्नी, पिता-बेटी की अर्थी...

Sidhi bus accident : इस हादसे में मारे गए 51 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं.

Sidhi bus accident : इस हादसे में मारे गए 51 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं.

Sidhi : बस हादसे में मारे गए 51 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं.लेकिन अब भी कुछ लोग लापता हैं.तीन लोगों के अभी नहर के पानी में डूबे होने की प्रशासन पुष्टि कर रहा है

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सीधी.सीधी ज़िले में मंगलवार को हुए बस हादसे (Bus accident) के बाद से पूरे इलाके में हर तरफ ग़म, गुस्से, नेताओं की आवाजाही के कारण गहमागहमी का माहौल है.आसपास के इलाकों में कई गांव में एक साथ एक ही परिवार के कई लोगों की अर्थी एक साथ निकलीं.किसी का बेटा चला गया तो किसी की बेटी मौत की आगोश में समा गयी.किसी ने पिता खो दिया तो किसी का बेटा अब तक लापता है.गम के इस माहौल के बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj) ने इलाके का दौरा कर पीड़ित परिवारों के ज़ख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास किया.सीएम पीड़ित परिवारों से मिले. उन्हें ढांढटस बंधाया.सरकार की ओर से किये जा रहे इंतज़ामों की जानकारी ली.

मंगलवार की सुबह हुए बस हादसे में जो लोग मारे गए उनमें सीधी जिले के देवरी गांव के एक नव विवाहित दंपति भी शामिल हैं.यहां रहने वाले 26 साल के अजय पनिका अपनी 21 साल की पत्नी तपस्या को पेपर दिलवाने के लिए सतना जा रहे थे.तपस्या सीधी के कमला कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रही थीं.वो सीधी में ही रही थीं.दोनों इसी बस से सतना जाने के लिए रवाना हुए थे.दोनों की शादी 28 जून 2020 को हुई थी और महज आठ माह बाद इन दोनों की इस हादसे में जान चली गई.विवाह के समय साथ जीने-मरने की कसमें खाई जाती है और वह कसम सच ही सबित हुई.अजय और तपस्या एक साथ इस दुनिया से विदा हो गए. बेहद ग़मगीन माहौल में आज दोनों का अंतिम संस्कार किया गया.

पिता और बेटी ने दुनिया को कहा अलविदा
इस बस हादसे में तिवारी परिवार के मुखिया और उनकी बेटी की भी मौत हो गयी.अशोक तिवारी और उनकी बेटी दोनों की हादसे में मौत हो गई.अशोक अपनी 20 वर्षीय बेटी निक्की को लेकर सीधी से सतना के लिये निकले थे. बच्ची का भविष्य संवारने के लिए उसे नर्सिंग का पेपर दिलाने जा रहे थे.लेकिन दोनों काल के आगोश में समा गये. उनके बेटे ने अपने पिता और बहन की चिता को मुखाग्नि दी.

पति-पत्नी-बेटी और भाई की एक साथ निकली अर्थी
बाणसागर नहर में गिरी बस में जिन 51 लोगों के शव निकाले गए उनमें कुसमी का यादव परिवार भी शामिल है.इस परिवार के चार सदस्यों की बस हादसे में मौत हो गयी. विश्वनाथ यादव,उनकी पत्नी राजकली यादव, तीन महिने की बेटी नम्रता यादव और चचेरा भाई प्रदीप यादव चारों अब इस दुनिया में नहीं रहे. जब घर से एक साथ इन चारों की अर्थी निकलीं तो पूरे गांव में कोहराम मच गया.

3 यात्री अब भी लापता
बस हादसे में मारे गए 51 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं.लेकिन अब भी कुछ लोग लापता हैं.सुबह से चल रहा सर्चिंग ऑपरेशन अंधेरा होने के कारण फिलहाल रोक दिया गया है.अब गुरुवार सुबह फिर से सर्चिंग अभियान शुरू होगा.लापता लोगों के रिश्तेदार अपनों की तलाश में बेहाल हैं.कुकुडिझार के अरविंद, सीधी की नूतन लोनी कॉलोनी में रहने वाले योगेंद्र शर्मा पिता सुरेश शर्मा और रमेश विश्वकर्मा का अब तक नहीं चल सका है. तीन लोगों के अभी नहर के पानी में डूबे होने की प्रशासन पुष्टि कर रहा है. योगेन्द्र के पिता सुरेश शर्मा कलेक्ट्रेट में कर्मचारी हैं. अपने बेटे की तलाश में बेबस पिता अफसरों से लेकर मंत्री तक सबसे गुहार लगा चुके हैं लेकिन बेटे का कहीं पता नहीं चल पा रहा है.

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