सिंगरौली: बेटी का शव खाट पर लेकर 25 KM तक चला पिता! प्रशासन ने दी सफाई

पिता बेटी का शव खाटपर लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए 25 किलोमीटर जाने के लिए मजबूर हुआ.

पिता बेटी का शव खाटपर लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए 25 किलोमीटर जाने के लिए मजबूर हुआ.

Singrauli News: पूरा मामला सिंगरौली जिले के निवास पुलिस चौकी क्षेत्र के गड़ई गांव का हैं. पीड़ित धिरूपति की 16 वर्षीय नाबालिग बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिजनों ने घटना की पुलिस चौकी में दी लेकिन पुलिस प्रशासन से सहयोग नहीं मिला.

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सिंगरौली. सिंगरौली जिले में दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है. एक पिता को अपने बेटी का शव खाट पर लेकर 25 किलोमीटर तक पैदल चलने को मजबूर होना पड़ा. विकास के दावे के बीच सिस्टम की अनदेखी की इस शर्मनाक तस्वीर को देखकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. पूरा मामला निवास पुलिस चौकी क्षेत्र के गड़ई गांव का हैं. हालांकि पुलिस का कहना है कि मृतका के गांव से पीएम कराने एवं वापस गांव छोड़ने के लिए पराई पुलिस द्वारा वाहन की व्यवस्था की गई.

पीड़ित धिरूपति की 16 वर्षीय नाबालिग बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिजनों ने घटना की पुलिस चौकी में दी लेकिन पुलिस प्रशासन से सहयोग नहीं मिला. इस बीच पिता बेटी का शव खाटपर लेकर पोस्टमार्टम कराने के लिए 25 किलोमीटर जाने के लिए मजबूर हुआ. पीड़ित को नहीं शव वाहन मिला नहीं. निवास पुलिस ने कोई संजीदगी नहीं दिखाई. आखिरकार पिता को कलेजे के टुकड़े के शव को खाट पर लेकर 25 किलोमीटर तक पैदल जाना पड़ा. पीड़ित ने कहा कि पुलिस ने सहयोग नहीं किया, शव वाहन बुलाने पर भी नहीं आया, अब कितनी देर तक गुहार लगाते इसलिए मजबूरी में शव को इसी तरह लेकर आ गए.

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सिंगरौली पुलिस ने दी सफाई
सिंगरौली पुलिस ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ये खबर भ्रामक है. सिंगरौली पुलिस अधीक्षक ऑफिस से जारी बयान के मुताबिक, घटना की सूचना मिलने पर चौकी प्रभारी निवास अरुण सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर 6 मई को पहुंचे थे. शव को पोस्टमार्टम के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निवास लाया गया और पोस्टमार्टम के उपरांत शव को ट्रैक्टर के माध्यम से गांव पहुंचाया गया. सीएसपी देवेश पाठक ने कहा, "मृतका के गांव गौरापनी से 4 किमी दूर जंगल में स्थित घटना स्थल तक वाहनों के आवागमन हेतु कोई मार्ग उपलब्ध न होने के कारण शव को ग्राम गौरापनी तक क्षेत्र के परंपरागत तरीके से खाट में रखकर लाया गया. इसके बाद मृतका के गांव से पीएम कराने एवं वापस गांव छोड़ने के लिए पराई पुलिस द्वारा वाहन की व्यवस्था की गई."

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