अपना शहर चुनें

States

सिंगरौली: क्या फैक्ट्री की जहरीली राख खेती की जमीन को बना रही है विषैला...!

सिंगरौली: क्या फैक्ट्री की जहरीली राख खेती की जमीन को बना रही है विषैला...! (सांकेतिक तस्वीर)
सिंगरौली: क्या फैक्ट्री की जहरीली राख खेती की जमीन को बना रही है विषैला...! (सांकेतिक तस्वीर)

एस्सार ग्रुप के पावर प्लांट में विषैले अवशेष रखने के लिए बने कृत्रिम तालाब (आर्टिफिशियल पॉन्ड) में रिसाव हो गया है.

  • Share this:
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में एस्सार ग्रुप के पावर प्लांट में विषैले अवशेष रखने के लिए बने कृत्रिम तालाब (आर्टिफिशियल पॉन्ड) में रिसाव हो गया है. एनडीटीवी इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक गांव वालों ने ये आरोप लगाया है कि इससे करीब 4 किलोमीटर के खेती वाली जमीन में विषैला अवशेष फैल गया है.

यहां 10 पावर प्लांट से 21 हजार मेगावाट बिजली पैदा होती है

बता दें कि सिंगरौली करीब 2200 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है जो उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मध्य प्रदेश में भी शामिल है. यहां कोयले से चलने वाले 10 पावर प्लांट हैं जो 21 हजार मेगावाट बिजली पैदा करते हैं.



देश में दूसरा सबसे ज्यादा प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्र है सिंगरौली
इन्हीं पावर प्लांट के कारण सिंगरौली देश में दूसरा सबसे ज्यादा प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्र बन गया है. बता दें कि बीते बुधवार को एस्सार कंपनी ने भी कृत्रिम तालाब में रिसाव की बात मानी है, लेकिन इसके लिए कंपनी ने स्थानीय लोगों को जिम्मेदार ठहराया है. वहीं स्थानीय लोगों ने जो तस्वीरें ली हैं, उसमें पावर प्लांट के आसपास और गांव के खेतों में गाद देखी गई है.

प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्र-Polluted industrial area
देश में दूसरा सबसे ज्यादा प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्र है सिंगरौली (सांकेतिक तस्वीर)


 ऐश पॉन्ड में आर्सेनिक के साथ-साथ कई विषैले तत्व शामिल

मिली जानकारी के मुताबिक जिस तालाब में रिसाव हुआ है, उसे ऐश पॉन्ड के तौर पर जाना जाता है. इसमें कोयला आधारित पावर प्लांट की राख स्टोर की जाती है. ये राख काफी हानिकारक होती है और इसमें आर्सेनिक के साथ-साथ कई विषैले तत्व भी होते हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐसे कृत्रिम तालाब में रिसाव से भूमिगत जल भी विषैला हो सकता है. एश पॉन्ड को चारों तरफ से कंक्रीट की दीवार बनाकर रखने का नियम है. क्षमता से ज्यादा इसमें अवशेष नहीं रखा जा सकता है.

ऐश पॉन्ड में रिसाव एक साजिश : एस्सार ग्रुप

वहीं एस्सार ग्रुप ने एक प्रेस रिलीज जारी कर दावा किया है कि ऐश पॉन्ड में रिसाव जानबूझकर एक साजिश के तहत किया गया है. वहीं घटना के बाद 4-5 लोगों को सुरक्षाकर्मियों ने भागते हुए भी देखा था. कंपनी की मानें तो इससे पहले भी गांव वालों ने इस तरह की शरारत की थी.

इधर, एस्सार ग्रुप के बयान में ये कहा गया है कि अवशेष जिस भूमि पर गए वो खेती की जमीन नहीं थी बल्कि एस्सार ग्रुप की ही जमीन है. एस्सार ग्रुप का आरोप है कि उनकी जमीन पर रहने वाले परिवार वहां अतिक्रमण कर रह रहे हैं.

ये भी पढ़ें:- यहां लगी है मासूमों की 'मंडी', 5 हजार में होता है सौदा 

ये भी पढ़ें:- अब फास्टट्रैक कोर्ट में चलेंगे मिलावटखोरों के खिलाफ मामले...
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज