फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाकर लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

सिंगरौली जिले के बैढन थाना पुलिस की जांच में यह मामला सामने आया है. जिला परिवहन कार्यालय से मिलीभगत कर दो आरोपी फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाकर बड़ी संख्या में हैवी मोटर व्हीकल लाइसेंस बनाने का काम कर रहे थे. इस मामले का खुलासा जिले के चिकित्सक बालेंद्र शाह के सामने आने पर हुआ.

Raj Dwivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 12, 2018, 9:18 AM IST
फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाकर लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
सिंगरौली परिवहन कार्यालय
Raj Dwivedi | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 12, 2018, 9:18 AM IST
सिंगरौली पुलिस ने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर हैवी ड्राइविंग लाइसेंस जारी करवाने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है, लेकिन हैरत की बात यह है कि लाइसेंस जारी करने वाले विभाग के प्रमुख इस पूरे मामले से अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं. बहरहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

सिंगरौली जिले के बैढन थाना पुलिस की जांच में यह मामला सामने आया है. जिला परिवहन कार्यालय से मिलीभगत कर दो आरोपी फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाकर बड़ी संख्या में हैवी मोटर व्हीकल लाइसेंस बनाने का काम कर रहे थे. नियमानुसार हैवी व्हीकल ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए मेडकल एक्सपर्ट, आई स्पेशलिस्ट, प्रीप कैप्शन परिवहन कार्यालय में जमा किया जाता है. इन दस्तावेजों से यह प्रमाणित होता है कि जिस व्यक्ति को लाइसेंस जारी करना है वह आंखों से और मानसिक रूप से स्वस्थ है और हैवी व्हीकल चलाने में सक्षम है, तभी लाइसेंस जारी किया जाता है.

इन नियमों के विपरीत सिंगरौली जिले में महज 500 रुपये मों फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं. इस मामले का खुलासा जिले के चिकित्सक बालेंद्र शाह के सामने आने पर हुआ. बालेंद्र शाह के लेटर पैड पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं, लेकिन बालेंद्र पिछले तीन सालों से सिंगरौली में सेवाएं ही नहीं दे रहे हैं. सूचना के आधार पर बैढन थाना पुलिस ने एक मेडिकल स्टोर पर छापा माररकर संचालक अशोक सिंह और आरटीओ दलाल से पूछताछ की. पूछताछ में दोनों ने फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर हजारों की संख्या में लाइसेंस बनवाने की बात कबूल की है.

मामले के खुलासे के बाद परिवहन विभाग के अधिकारी यह मानने के लिए तैयार नहीं है कि उनकी जानकारी के बिना यह गोरखधंधा चल रहा था. सिंगरौली जिला परिवहन अधिकारी एसपी दुबे ने मामले में खुद को पाक साफ बताते हुए लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले आवेदक को ही जिम्मेदार बता रहे हैं.
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