लाइव टीवी

आखिर सरकार ने नहीं मानी मांग, अब अतिथि शिक्षकों ने अर्थनग्न होकर किया झंडा वंदन

Jitendra Sharma | News18Hindi
Updated: January 26, 2020, 5:09 PM IST
आखिर सरकार ने नहीं मानी मांग, अब अतिथि शिक्षकों ने अर्थनग्न होकर किया झंडा वंदन
भोपाल के शाहजहांनी पार्क में अतिथी शिक्षक और अतिथी विद्धान पिछले एक माह से नियमितिकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठै हैं.

इससे पहले शिक्षकों के नियमितिकरण की मांग को लेकर मध्यप्रदेश सरकार के दो मंत्री भी शिक्षकों से बात कर उन्हें आश्वासन दे चुके हैं लेकिन अभी तक उनकी मांगों को नहीं माना गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 26, 2020, 5:09 PM IST
  • Share this:
भोपाल. पिछले एक महीने से नियमितिकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठे अतिथि शिक्षकों व विद्वानों को सरकार की अनेदखी का एक बार फिर सामना करना पड़ा. इसके बाद अपनी चेतावनी अनुसार शिक्षकों ने गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर अर्धनग्न होकर झंडावंदन किया और सरकार का विरोध करने का एक अनोखा तरीका अपनाया. उल्लेखनीय है कि शिक्षक (Teachers) अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री से लेकर राज्यपाल तक से मिल चुके हैं लेकिन उनको इसका कोई परिणाम नहीं मिला.

कई बार मिल चुका है आश्वासन
धरने पर बैठे अतिथि शिक्षकों व विद्वानों से मिलने के लिए राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी और स्कूल शिक्षा मंत्री प्रभुलाल चौधरी भी शाहजहानी पार्क पहुंचे थे. उन्होंने शिक्षकों की नियमितिकरण की मांग को सुना और आश्वासन भी दिया कि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा. लेकिन अभी तक कुछ नहीं होने से नाराज शिक्षकों ने अब गणतंत्र दिवस पर अर्धन्ग्न होकर झंडावंदन कर अपना विरोध जताया.

सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप

भोपाल के शाहजहांनी पार्क में अतिथी शिक्षक और अतिथी विद्धान पिछले एक माह से नियमितिकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठै हैं. इन्होंने सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी और विधायक लक्षमण सिंह सहित कई लोगों से मुलाकात की थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. वहीं शिक्षकों ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार पर वादा खिलाफी का भी आरोप लगाया था.

80 हजार हैं अतिथि शिक्षक
जानकारी के अनुसार सूबे में करीब 4500 अतिथि विद्वान हैं. वहीं अतिथि शिक्षकों की संख्या करीब 80 हजार है. लेकिन उनकी आवाज अभी तक सरकार तक नहीं पहुंच रही है. लेकिन अब वे सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएंगे और अपनी मांगों को मनवा कर रहेंगे.

ये भी पढ़ेंः पहली बार हुआ ऐसा, एक भी IPS अधिकारी को नहीं मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस पदक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए भोपाल से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 26, 2020, 5:09 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर