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महिला सरपंच के पति, बेटा और रिश्तेदारों की धौंस होगी कम, बैठक में भाग लिया तो जाएगी सरपंची

महिला सरपंच के पति, बेटा और रिश्तेदारों की धौंस होगी कम, बैठक में भाग लिया तो जाएगी सरपंची

ग्राम सभा की बैठकों का संचालन सरपंच पति नहीं कर पाएंगे.

ग्राम सभा की बैठकों का संचालन सरपंच पति नहीं कर पाएंगे.

पंचायती राज के साथ ही महिला सशक्तीकरण के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने महिला जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों द्वारा सरकारी काम में दखल खत्म करने का निर्णय लिया है. इस निर्णय से महिला सरपंच पतियों को झटका लगा है.

हाइलाइट्स

सरकार ने पंचायत सचिवों को पंचायतों में पतियों या रिश्तेदारों को शामिल न करने का निर्देश जारी किया है.
सरपंच पति या पंच पति ग्रामसभा की बैठकों में महिला सरपंचों या पंचों की जगह शामिल होता है तो उसकी पत्नी को पद से हटा दिया जाएगा.
प्रदेश की 22924 पंचायतों में से 12600 पंचायतों में सरपंच महिलाएं जीती हैं

भोपाल. मध्यप्रदेश में हाल ही में पंचायत चुनाव संपन्न हो गए हैं. इसमें आपने महिला सरपंच या जनप्रतिनिधि की जगह उनके पतियों द्वारा शपथ लेने की तस्वीरें और वीडियों देखी होंगी. सरकार के पास भी इस तरह के वीडियो पहुंचे तो पंचायत और महिला जनप्रतिनिधियों की सशक्तीकरण के लिए नए निर्देश जारी किए हैं.

सरकार ने पंचायत सचिवों को कहा गया है कि ग्रामसभाओं की बैठकों में महिला सरपंचों, पंचों की सक्रिय भागीदारी हो. ग्राम सभा की बैठकों का संचालन कोई सरपंच पति न करे. पति इन बैठकों में शामिल भी न हों. यदि कोई सरपंच पति या पंच पति ग्रामसभा की बैठकों में महिला सरपंचों या पंचों की जगह शामिल होता है तो संबंधित महिला सरपंच को पद से हटा दिया जाएगा. निर्देश में कहा गया है कि यह कदम पंचायतों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास में उनकी भूमिका को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है.
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पत्नियों की जगह पतियों ने ली थी सरपंच की शपथ
हाल ही में दमोह और सागर में महिला सरपंच की जगह उनके पति शपथ ले रहे थे. हालांकि मामला सामने आने के बाद तीनों जगह पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया. भविष्य में कभी कोई सरपंच पति ऐसी हरकत न करे, इसके लिए सरकार ने ताजा निर्देश जारी कर दिए हैं. पंचायती राज पर काम करने वाले ललित परमार बताते हैं कि कई पति अपनी पत्नियों को सरपंच बनवाकर पंचायत पर राज करने लगते हैं.

पंचायतों में महिलाओं के 50% पद रिजर्व
मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत राज व्यवस्था को सशक्त बनाने और पंचायतों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों में महिलाओं के 50% पद रिजर्व किए गए हैं. इसके चलते प्रदेश की 22924 पंचायतों में से 12600 पंचायतों में सरपंच महिलाएं जीती हैं. यही नहीं, 712 में निर्विरोध सरपंच चुने गए हैं, जिनमें 444 महिलाएं हैं. निर्विरोध महिलाएं इतनी बड़ी संख्या में पहली बार जीती हैं. 313 जनपद पंचायतों में से 167 में महिलाएं जीती हैं, ये महिलाएं विकासखंड स्तर पर गांवों के विकास का खांका खींचेंगी. इसी तरह 52 जिला पंचायतों में से 29 जिला पंचायतों में अध्यक्ष महिलाएं हैं, जिन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त है, उनके निर्णय से ही जिले में गांवों के विकास की तस्वीर तय होगी. साथ ही 363350 पंचों में से 209754 महिलाएं जीती हैं.
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महिला सरपंच काम कैसे करें, इसके लिए गाइडलाइन भी
गांवों के विकास में महिलाओं की भागीदारी क्यों जरूरी है, इसकी गाइडलाइन भी जारी की गई है. इसमें लिखा है कि महिलाएं ही ग्रामीण विकास के कामों में सुझाव दें. महिला हितैषी कामों के क्रियान्वयन में खुद भूमिका निभाएं। गरीबी मुक्त और आजीविका उन्नत गांव, स्वस्थ गांव, पर्याप्त जल युक्त गांव, महिला हितैषी गांव, सुशासन वाला गांव आदि विकास लक्ष्यों के लिए नौ पॉइंट तय किए गए हैं.

Tags: Bhopal news update, Bjp madhya pradesh, Madhya Pradesh government, Madhya Pradesh News Updates, Madhya pradesh panchayat election 2020, Madhya Pradesh Politics

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