ADG सिस्टम का लॉलीपॉप, IPS अफसरों को खुश करने वाला सिस्टम

Manoj Rathore | News18Hindi
Updated: August 19, 2019, 3:30 PM IST
ADG सिस्टम का लॉलीपॉप, IPS अफसरों को खुश करने वाला सिस्टम
इस नए सिस्टम से सीनियर आईपीएस अफसरों तो खुश हो जाएंगे, लेकिन मैदानी व्यवस्था में जरा सा भी फर्क नहीं आएगा.

IG जोन में ADG रैंक के अफसरों की होगी तैनाती, 5 राज्यों के मुकाबले मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा एडीजी, पुलिस कमिश्नर सिस्टम को लेकर बैकफुट पर सरकार.

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मध्यप्रदेश पुलिस (POLICE) को कमिश्नर सिस्टम तो नहीं मिल सका, लेकिन आईपीएस अधिकारियों (IPS OFFICER) के बढ़ते दबाव के आगे सरकार ने पुलिस को एडीजी सिस्टम का लॉलीपॉप थमा दिया है. इस सिस्टम से सिर्फ आईजी रेंज की व्यवस्था बदलेगी, इसके अलावा मौजूद सिस्टम में ही काम होगा. अब ऐसा लग रहा है जैसे ये व्यवस्था सिर्फ वरिष्ठ आईपीएस अफसरों को खुश करने की लिए की गई है.

सालों से उठ रही कमिश्नर सिस्टम की मांग
मध्यप्रदेश (MADHYA PRADESH) में सालों से पुलिस कमिश्नर सिस्टम की मांग उठ रही है. सरकार के स्तर पर सिस्टम को लेकर मंथन भी हुआ. पुलिस मुख्यालय से भी गृह विभाग को कई बार प्रस्ताव भेजा जा चुका है, इसके बावजूद चाहे बीजेपी की सरकार रही हो या फिर मौजूदा कांग्रेस सरकार दोनों ने ही इस सिस्टम को लागू करने में नाकामी ही दिखाई है. अब जब आईपीएस अफसरों का दबाव बढ़ा तो कमलनाथ सरकार ने एडीजी सिस्टम का लॉलीपॉप विभाग को थमा दिया. ऐसा लग रहा है कि अब इस सिस्टम से सिर्फ सीनियर आईपीएस अफसर ही खुश होंगे. बाकी सिस्टम से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा. नए सिस्टम के तहत आईजी जोन में एडीजी रैंक के अधिकारी पदस्थ होंगे. इनके नीचे आईजी और जोन का पूरा पुलिस सिस्टम काम करेगा. अभी तक आईजी रैंक के अधिकारी के अधीन सिस्टम काम करता था. अब आईजी की जगह एडीजी रैंक के अफसर होंगे. प्रदेश में अभी 16 आईजी जोन है. नए सिस्टम के तहत ये सभी एडीजी जोन में तब्दील हो जाएंगे. सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद एडीजी सिस्टम को लागू करने की कसरत शुरू हो गई है.

सीनियर आईपीएस अफसरों को खुश करने वाला सिस्टम

अभी एडीजी स्तर के अफसर सिर्फ पुलिस मुख्यालय तक सीमित हैं. नए सिस्टम से सीनियर आईपीएस अफसरों को मैदानी पोस्टिंग मिलेगी. एडीजी की संख्या बढ़ने पर पीएचक्यू में कई नई शाखाओं को बनाया गया था. अब एडीजी रैंक के अफसरों की संख्या को नए सिस्टम के तहत एडजस्ट किया जाएगा. मध्यप्रदेश पुलिस महकमे में 51 से ज्यादा एडिशनल डायरेक्टर जनरल (एडीजी) हो चुके हैं जो कि देश के पांच प्रमुख राज्यों को मिलाकर भी ज्यादा हैं. महाराष्ट्र में 13, बिहार में 12, गुजरात में 6, छत्तीसगढ़ में 7 और ओडिशा में 9 ही एडीजी हैं यानी कुल 47 एडीजी. वहीं मैदानी अमले की बात की जाए तो प्रदेश में पुलिसकर्मियों के 11 हजार पद खाली पड़े हैं. एक एडीजी की सैलेरी और उन्हें मिलने वाली अन्य सुविधाओं को जोड़ दिया जाए तो एक एडीजी पर हर महीने करीब 3 लाख 30 हजार रुपये खर्च होते हैं.

नए सिस्टम से जनता को फायदा नहीं
इस नए सिस्टम से सीनियर आईपीएस अफसरों तो खुश हो जाएंगे, लेकिन मैदानी व्यवस्था में जरा सा भी फर्क नहीं आएगा. पुलिस कमिश्नर सिस्टम को लेकर पहले ही विधि मंत्री पीसी शर्मा मना कर चुके हैं. उनका कहना है कि पुलिस सिस्टम को लेकर सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है. पीसी शर्मा के बयान से साफ है कि सरकार कमिश्नर सिस्टम को लागू करने के मूड में नहीं है इसलिए हर बार सरकार के जिम्मेदारों की तरफ से सिर्फ गोलमोल जबाव ही आता है. बीजेपी की सरकार रही हो या फिर मौजूदा कांग्रेस सरकार. कोशिश सभी ने की लेकिन पुलिस कमिश्नर सिस्टम को कोई लागू नहीं कर सका. जानकारों की माने, तो इससे जनता को कोई फायदा नहीं होगा.
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First published: August 19, 2019, 3:29 PM IST
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