बुंदेलखंड में भीषण पेयजल संकट, बूंद-बूंद के लिए तरस रहे लोग

गर्मी का मौसम आते ही हर बार टीकमगढ़ जिले में जल संकट गहराने लगता है. लोग पीने के पानी को लेकर परेशान हो रहे हैं.

Rajiv Rawat | News18 Madhya Pradesh
Updated: April 18, 2018, 5:57 PM IST
बुंदेलखंड में भीषण पेयजल संकट, बूंद-बूंद के लिए तरस रहे लोग
टीकमगढ़ जिले में पानी का संकट
Rajiv Rawat | News18 Madhya Pradesh
Updated: April 18, 2018, 5:57 PM IST
मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके के टीकमगढ़ जिले में लोगों को भीषण पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा. जिले के अधिकतर गांवों में हैंडपम्पों और नल-जल योजनाएं बंद पड़ी हैं. कई इलाकों में हालात इतने बदतर हो गए हैं कि लोगों को गंदे पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है.

गर्मी का मौसम आते ही हर बार टीकमगढ़ जिले में जल संकट गहराने लगता है. लोग पीने के पानी को लेकर परेशान हो रहे हैं. इसके बावजूद विभागीय अधिकारी लोगों की इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे.

जिले के तिदारी गांव के लोग इन दिनों पानी के समस्या से सबसे ज्यादा परेशान हैं. जो हैंडपम्प चालू हैं वो भी अब दम तोड़ रहे हैं. एक बाल्टी पानी देने के बाद वह भी पानी देना बंद कर देते हैं. कुछ देर इंतजार करने के बाद फिर एक बाल्टी पानी मिलता है. इसी तरह दिन-रात पानी का सिलसिला चलता रहता है.

जिले के अधिकतर गांवों का यही हाल है. नदी तालाब सूख चुके है. गांवों में नल जल योजनाएं बंद पड़ी हैं. लेकिन सरकारी आंकड़ों में सब कुछ ठीक चल रहा है. सरकार आंकड़े बता रहे है कि दुवारा जिले में 318 गांवों में नलजल योजनाए शुरू की गई थी, जिसमें से 233 चालू है. लेकिन हकीकत में मात्र 85 नलजल योजनाएं ही चालू है.

वहीं, जिले में 9544 हैंडपंप लगाए गए है. 7849 चालू हैं लेकिन 1695 हैडपंप बंद पड़े हुए है. यह तो हो गए सरकारी आंकड़े लेकिन कई गांवों में सरकारी कागजों में नलजल योजना चालू है. लेकिन हकीकत में बंद पड़ी है.

टीकमगढ़ शहर से 15 किलोमीटर दूर तिदारी गांव में कुएं, तालाब, हैंडपंप पूरी तरह सूख चुके है. गांव के बाहर मात्र एक ट्यूबवेल है जिससे पूरे गांव के लोग पानी भरते हैं. जब बिजली नहीं रहती तब यहां गड्ढों में भरे पानी को लोग भरते हैं. इस मामले में शासन प्रशासन गांव के लोगों की समस्या की ओर ध्यान तक नहीं दे रहा है.

जिले से 25 किलोमीटर दूर दिगौड़ा गांव में इन दिनों पेयजल की गंभीर समस्या है. यहां रात में भी लोग पानी भरते हुए नजर आते हैं लोगों का कहना है कि दिन रात गांव के लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. 30 साल पहले यह गांव में नल जल योजना शुरू हुई थी लेकिन कई सालों से गांव में नल जल योजना बंद पड़ी है. गांव के लोगों को पानी भरने के लिए 3 से 4 किलोमीटर दूर आस-पास के गांव में भी जाना पड़ता है.
बुधवार इस गांव के लोग 25 किलोमीटर का सफर तय करके साइकिल से टीकमगढ़ जिले के कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे. गांव ने इस मालमे की शिकायत कलेक्टर से भी की. उन्होंने कहा कि अगर गांव में पानी आ जाए तो सारी समस्याएं दूर हो जाएगी
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