19 साल बाद ध्रुव योग का संयोग, इस बार भद्रा काल में नहीं होगा होलिका दहन

इस बार होली पर ध्रुव योग का संयोग है. (सांकेतिक तस्वीर)

इस बार होली पर ध्रुव योग का संयोग है. (सांकेतिक तस्वीर)

Ujjain Holi News: इस बार होली भद्रा काल में नहीं होगी. भद्रा काल सूर्यास्त से पहले खत्म हो जाएगा. होली पर इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग और ध्रुव योग का संयोग है. ज्योतिषियों का कहना है कि ये दोनो योग सभी के लिए लाभदायक हैं.

  • Last Updated: March 27, 2021, 11:46 AM IST
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उज्जैन. इस होली पर सर्वार्थ सिद्धि योग और ध्रुव योग का प्रभाव होगा. ध्रुव योग का संयोग 19 साल बाद हो रहा है. यह सभी राशियों के लिए फलदायक होगा. होलिका दहन भी भद्रा में नहीं होगा, क्योंकि भद्रा काल सूर्यास्त से पहले ही समाप्त हो जाएगा.

पंडित और ख्यात  ज्योतिषाचार्य   आनंद शंकर व्यास ने बताया कि इस बार 2 योग एक साथ हैं. इसमें ध्रुव योग का संयोग 19 साल बाद आया है. उन्होंने बताया कि होली पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा. ये दोनों योग सभी राशियों पर फलदायक होगा. फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर 28 मार्च को सर्वार्थ सिद्धि योग में होली का पूजन होगा. प्रदोषकाल में पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है.

जल्दी खत्म हो जाएगा भद्रा काल

ज्योतिषाचार्य आनंद शंकर व्यास ने बताया कि हर साल होली पर भद्रा होने के कारण भद्रा काल में होलिका दहन किया जाता है, लेकिन इस बार भद्रा रहित होलिका दहन  होगा. इस बार भद्रा शाम को सूर्यास्त के पहले ही समाप्त हो जाएगा.
जमकर उड़ा गुलाल

होली के पर्व के ठीक पहले उज्जैन शहर में  होली का गुलाल उड़ने लगा. फाग उत्सव के दौरान राधा-कृष्ण ने गोपियों के साथ शिप्रा नदी किनारे जमकर होली खेली. मधुर संगीत के बीच सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया. इस दौरान कोरोना गाइडलाइन का भी पूरा ध्यान रखा गया. राधा-कृष्ण ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का वो संदेश भी दोहराया जिसमें उन्होंने घर पर ही त्योहार मनाने की बात कही है.  बच्चों और उनकी टीचर का कहना था कि हम लोगों को संदेश देना चाहते हैं कि कोरोना घातक है. इसलिए मास्क लगाएं और कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करें. लोग हर्बल गुलाल का प्रयाग कर अपने घर में ही होली मनाएं और कोरोना महामारी से सुरक्षित रहें.
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