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प्रदूषित क्षिप्रा नदी में प्रशासन ने श्रद्धालुओं को कराया फव्वारा स्नान

News18 Madhya Pradesh
Updated: December 12, 2019, 5:44 PM IST
प्रदूषित क्षिप्रा नदी में प्रशासन ने श्रद्धालुओं को कराया फव्वारा स्नान
क्षिप्रा नदी में प्रदूषण, प्रशासन ने लगवाए फव्वारे

11 माह पहले शनिचरी अमावस्या पर भी नदी का यही हाल था. उस वक्त त्रिवेणी में श्रद्धालुओं ने कीचड़युक्त पानी में नहान किया था. क्षिप्रा में प्रदूषण (pollution) पर लोगों ने गहरी नाराज़गी जताई और हो-हल्ला हुआ.सीएम कमलनाथ (kamalnath) ने भी नाराज़गी जताई थी और उसके बाद उज्जैन कमिश्नर और कलेक्टर बदल दिए गए थे.

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उज्जैन. उज्जैन (ujjain) में मोक्षदायिनी क्षिप्रा (shipra) इतनी मैली हो गयी कि प्रशासन के भी हाथ-पैर फूल गए. उसने श्रद्धालुओं को पूर्णिमा का स्नान बोरिंग के पानी से करवाया. प्रशासन ने फव्वारे लगवाए और बोरिंग के पानी के ज़रिए श्रद्धालुओं के स्नान का इंतज़ाम कराया.

क्षिप्रा साफ नहीं हो पायी. पूर्णिमा का स्नान भी इस गंदगी की मार झेल गया. रामघाट, जहां मुख्य स्नान होता है वहां पानी किसी गंदे नाले की तरह काला हो चुका है. उसमें स्नान तो दूर आचमन भी नहीं किया जा सकता. कुछ श्रद्धालुओं ने नदी में ज़रूर डुबकी लगायी लेकिन प्रशासन ने रामघाट पर होने वाले नहान के लिए  बोरिंग के पानी के फव्वारे लगवा दिए थे. नदी का पानी काला पड़ चुका है.

मोक्षदायिनी में कीचड़
अगहन मास की पूर्णिमा पर सैकड़ों श्रद्धालु उज्जैन के राम घाट पर स्नान के लिए पहुंचे लेकिन नदी का पानी देख उनकी आस्था को गहरी ठेस पहुंची.क्षिप्रा का पानी पूरी तरह काला दिखाई दिया. दरअसल कान्हा नदी का पानी क्षिप्रा में मिल रहा है. इस वजह से 1 हफ्ते से अधिक समय से क्षिप्रा का पानी भी दूषित हो चुका है. लगातार प्रयास के बाद भी इसे पूर्णिमा के नहान तक साफ नहीं किया जा सका.

फव्वारे में स्नान
नदी में प्रदूषण देख प्रशासन ने क्षिप्रा नदी में जाने पर रोक लगा दी और स्नान के लिए फव्वारे की वैकल्पिक व्यवस्था कर दी. पूरे घाट पर बड़े बड़े पाइप लगवा कर उससे स्नान करने की सुविधा श्रद्धालुओं को दी. कुछ श्रद्धालु तो फव्वारे में नहाए लेकिन बाक़ी अपनी श्रद्धा के अनुसार दूषित काले जल में ही डुबकी लगाते रहे.

हटाए गए थे कमिश्नर-कलेक्टरलोग भूले नहीं होंगे जब करीब 11 माह पहले शनिचरी अमावस्या पर भी नदी का यही हाल था. उस वक्त त्रिवेणी में श्रद्धालुओं ने कीचड़युक्त पानी में नहान किया था. क्षिप्रा में प्रदूषण पर लोगों ने गहरी नाराज़गी जताई और हो-हल्ला हुआ.सीएम कमलनाथ ने भी नाराज़गी जताई थी और उसके बाद उज्जैन कमिश्नर और कलेक्टर बदल दिए गए थे.



(उज्जैन से आनंद निगम की रिपोर्ट)

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First published: December 12, 2019, 5:14 PM IST
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