MP News: वैक्सीन नहीं तो सैलरी भी नहीं, सूबे के उज्जैन जिले में निकला ये अजीबो-गरीब फरमान

उज्जैन नगर निगम आयुक्त के फरमान के बाद शायद अधिकारी-कर्मचारी वैक्सीनेशन करवाने लगेंगे.

उज्जैन नगर निगम आयुक्त के फरमान के बाद शायद अधिकारी-कर्मचारी वैक्सीनेशन करवाने लगेंगे.

No Vaccine, No Salary : उज्जैन नगर निगम आयुक्त ने अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए अजीब फरमान निकाला है. आयुक्त ने कहा है 'वैक्सीन नहीं तो सैलरी भी नहीं.' क्योंकि नगर निगम के कई कर्मचारी और अधिकारी वैक्सीनेशन नहीं करवा रहे.

  • Last Updated: May 31, 2021, 8:47 AM IST
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उज्जैन. एमपी गजब है... मध्यप्रदेश के लिए ये गाना यूं ही नहीं रचा गया है. अब हालिया जारी एक फरमान को ही ले लीजिए, जिसमें कहा गया है कि उज्जैन नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों का मई माह का वेतन रोका जा सकता है, अगर उन्होंने वैक्सीनेशन नहीं कराया तो. नगर निगम आयुक्त (Municipal Commissioner) क्षितिज सिंघल ने ये अजीबो-गरीब फरमान जारी किया है. जिन लोगों ने वैक्सीनेशन का पहला या दूसरा डोज ले लिया है, उनका वेतन नहीं रोका जाएगा. बता दें कि फ्रंटलाइन वर्कर्स (Frontline Worker’s) के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination) संबंधी सरकार का आदेश स्वैच्छिक (Voluntary) है, बाध्यकारी नहीं.

उज्जैन नगर निगम के कमिश्नर क्षितिज सिंघल का कहना है कि राज्य और केंद्र सरकार ने दूसरे चरण में निगम के कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वर्कर माना था. उनके सौ फीसदी वैक्सीनेशन के आदेश दिए थे. लेकिन, उज्जैन नगर निगम के करीब 1600 कर्मचारियों में से मात्र 70 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही अभी तक वैक्सीन लगवाई है. उन्होंने कहा कि वैक्सीन न लगवाने वाले कर्मचारियों में कुछ अधिकारी भी शामिल हैं. इन कर्मचारियों की लापरवाही को देखते हुए ये नया आदेश निकाला गया. मई माह की सैलरी उन्हें ही मिलेगी जिन्होंने वैक्सीनेशन का अपना पहला या दूसरा डोज ले लिया है.

वैक्सीन लगवाना स्वैच्छिक है, बाध्यकारी नहीं

उज्जैन नगर निगम कमिश्नर सिंघल का कहना है कि निगमकर्मी दिनभर जनता के बीच भीड़ वाले इलाको में काम करते हैं. उनकी सेफ्टी के लिए वैक्सीन जरूरी है. गौरतलब है कि सरकार ने निगमकर्मियों को फ्रंटलाइन वर्कर माना है, लेकिन कोरोना का टीका लगवाना उसकी तरफ से अनिवार्य नहीं किया गया है. इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से साफ कहा गया है कि वैक्सीन लगवाना पूरी तरह स्वैच्छिक है. कोई भी शख्स वैक्सीन लगवाने के लिए बाध्य नहीं है. ऐसे में कमिश्नर के आदेश पर सवाल उठाते हुए उसे अजीबो-गरीब फरमान बताया जा रहा है.
कल से अनलॉक होगा शहर

उज्जैन शहर भले ही कल से धीरे-धीरे अनलॉक हो जाएगा, लेकिन महाकाल के दर्शन अभी नहीं हो सकेंगे. महाकालेश्वर मंदिर सहित शहर के धार्मिक स्थल बंद ही रहेंगे. क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में शहर को खोलने के नियमों और नीति पर चर्चा की गई. प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 19 मई को उज्जैन में शहर को अनलॉक किए जाने के संकेत दिए थे.

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