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73 करोड़ रुपए की लागत से 116 किमी लंबी सीवरेज लाइन में लगा रहे सीमेंट के टूटे पाइप

टूटे आरसीसी पाइप सीवरेज लाइन में लगाए जा रहे हैं

टूटे आरसीसी पाइप सीवरेज लाइन में लगाए जा रहे हैं

Ujjain News: नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन ने बताया सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट शहर में सुविधा व स्वच्छता के लिए नया कदम साबित ...अधिक पढ़ें

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    रिपोर्ट -मोहित राठौर

    शाजापुर। अहमदाबाद की पी. दास इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा मई 2019 से शहर में करीब 73 करोड़ रुपए की लागत से 116 किमी लंबी सीवरेज लाइन व ट्रीटमेंट प्लांट का काम किया जा रहा है, लेकिन इस लाइन में मुख्य सड़क पर जिन आरसीसी पाइपों को बिछाया जा रहा है, उसमें अधिकांश पाइप टूटे-फूटे हैं, अगर इस निर्माण सामग्री की गुणवत्ता का निरीक्षण नहीं किया तो आगामी समय में फिर से सड़क खोदना पड़ सकती है.

    यह कार्य मई 2021 में पूरा होना था, लेकिन कोरोना की वजह से लेट हो गया. नवरात्रि के दौरान बाजार में चल रहा काम बंद कर दिया गया था. 21 नवंबर से यह काम दोबारा शुरू किया है. कंपनी के अधिकारी दिसंबर 2022 तक सीवरेज लाइन का काम पूरा होने का दावा कर रहे हैं, ऐसे में स्थानीय लोगों का कहना है कंपनी जल्दबाजी में टूटे-फूटे सीमेंट पाइप बिछा रही है. यह पाइप बाद में खराब हो गए तो फिर से नवनिर्मित सड़क खोदना पड़ेगी, हाल ही में कंपनी द्वारा बारिश में शहर की कुछ कॉलोनियों में 100 फीट की दूरी पर एक 10 फीट गहरा चेंबर बनाया गया है. एक चेंबर को दूसरे चैंबर से जोड़ने के लिए डब्ल्यूडीसी पाइप का उपयोग किया गया है. इन नवनिर्मित चैंबरों के खुलने व पानी बहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा था, बाद में कंपनी के कर्मचारियों व नगर पालिका अधिकारियों ने पानी ओवरफ्लो का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया था. अगर अभी सीमेंट के पाइप की जांच नहीं की तो आने वाले समय में इनमें भी लीकेज की समस्या हो सकती है.

    यह होगा फायदा

    नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन ने बताया सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट शहर में सुविधा व स्वच्छता के लिए नया कदम साबित होगा. लाइन चालू होने के बाद लोगों को अपने घरों में सैप्टिक टैंक बनवाने की जरूरत नहीं होगी, सड़कों पर नालियों का पानी नहीं बहेगा, पूरे शहर का गंदा पानी बादशाही पुल के पास बन रहे 11.1 एमएलडी क्षमता वाले टैंक में लाकर शुद्ध किया जाएगा, इसको सिंचाई के लिए चीलर नदी में छोड़ा जाएगा. साथ ही शहर में तीन प्वांइट बनाकर पेयजल को छोड़कर भवन निर्माण आदि के पानी दिया जाएगा. इसके लिए नगर पालिका निर्धारित राशि लेगी. नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन ने बताया अगर सीवरेज लाइन में किसी भी प्रकार का खराब मटेरियल लगाया जा रहा है तो कंपनी के अधिकारियों के बात की जाएगी.

    जांच के बाद ही लाइन बिछाई जा रही है

    अगर कोई आरसीसी पाइप बीच से टूटा है तो उसे नहीं लगाया जा रहा है. पाइप को जोड़ते समय दो पाइप के बीच में रबर लगाकर मजबूती से कनेक्ट किया जाता है, ताकि बाद में पाइप से लीकेज की समस्या न आए, पूरी जांच व चैक करके ही सीवरेज लाइन बिछाई जा रही है, अगर कोई पाइप टूटा है तो उसे तत्काल दिखवाते हैं. – सुनील यादव, इंजीनियर, एमपीयूडीसी पीआईयू

    Tags: Madhya pradesh news, Ujjain news

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