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सरकारी जमीन पर बन रही थी प्राइवेट मल्टी, EOW की जांच में फंसे नगर निगम के अधिकारी

सरकारी जमीन पर बन रही थी प्राइवेट मल्टी, EOW की जांच में फंसे नगर निगम के अधिकारी

सरकारी सर्वे भूमि क्रमांक 749 और 753 में धांधली कर मल्टी बनायी जा रही थी.

सरकारी सर्वे भूमि क्रमांक 749 और 753 में धांधली कर मल्टी बनायी जा रही थी.

EOW उज्जैन ने भ्रष्टाचार के मामले में नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों के विरुद्ध केस दर्ज किया है. इन अधिकारियों ने सरकारी जमीन में घोटाला कर करोड़ों रुपये की निजी मल्टी को इजाजत दे दी थी.

उज्जैन. उज्जैन में सरकारी जमीन पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग निर्माण की इजाजत देने पर नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अफसर नप गए हैं. EOW ने सबके खिलाफ जांच शुरू कर दी है. इसमें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये का घोटाला (Scam) किया गया.

EOW उज्जैन ने भ्रष्टाचार के मामले में नगर निगम और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अधिकारियों के विरुद्ध केस दर्ज किया है. इन अधिकारियों ने सरकारी जमीन में घोटाला कर करोड़ों रुपये की निजी मल्टी को इजाजत दे दी थी.

पॉश इलाके में धांधली
EOW के एसपी दिलीप सोनी को शिकायत मिली थी कि आरोपी महेश पलोड़ और अन्य की भागीदारी से उज्जैन शहर के पॉश एरिया देवास रोड स्थित स्वीमिंग पूल के सामने करोड़ों रुपए की बेशकीमती सरकारी जमीन पर मल्टी बनायी जा रही है. इसकी परमिशन नगर निगम और टीएनसीपी के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार करके दी है. मामले को गम्भीरत से लेते हुए एसपी ने दल गठित कर जांच शुरू की तो उसमें निगम और टीएनसीपी के कुछ अधिकारी और अन्य लोग दोषी पाए गए. अब इनके विरुद्ध धारा 420, 447, 467, 468, 471, 120B और 7c भ्रष्टाचार की धारा में प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू की.

इन अधिकारियों पर केस दर्ज
EOW ने आरोपी महेश पलोड और उसके पार्टनर्स ने नगर निगम उज्जैन के अधिकारी नगर निवेशक मनोज पाठक, भवन अधिकारी राम बाबू शर्मा, उपयंत्री राम बाबू शर्मा, लिपिक संतोष शर्मा, संयुक्त संचालक एस.के मिश्रा और नगर और ग्राम निवेश महेश छलोतरे के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है.  EOW डीएसपी अजय कैथवास ने बताया कि 2021 में ही राजेन्द्र पोरवाल ने एसपी  EOW को शिकायत आवेदन दिया था. उसमें बताया गया था कि सरकारी सर्वे भूमि क्रमांक 749 और 753 जिस पर मल्टी बनायी जा रही है उसके आवेदन में महेश पलोड़, गौरव पलोड़ और अन्य पार्टनर का नाम था. इन लोगों ने नगर निगम, टीएनसीपी के कुछ आधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन को अपने कब्जे में लेकर निर्माण शुरू किया. अब सब लोग जांच में दोषी पाए गए हैं.

Tags: EOW, Land scam, Madhya pradesh news, Ujjain news

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