कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि ने हाईजेक किया अस्पताल, पढ़िए कैसे रुपए देकर दिलवाता था बेड!

कैबिनेट मिनिस्टर मोहन यादव का प्रतिनिधि विवादों में फंस गया है. (File)

कैबिनेट मिनिस्टर मोहन यादव का प्रतिनिधि विवादों में फंस गया है. (File)

मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मोहन यादव का प्रतिनिधि है अभय विश्वकर्मा. इस पर अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर ने आरोप लगाया है. अभय पैसे लेकर लोगों को अस्पताल में बेड दिलवाता था. इसमें अस्पताल का स्टाफ भी उसका साथ देता था.

  • Last Updated: May 8, 2021, 3:53 PM IST
  • Share this:

उज्जैन. मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मोहन यादव के प्रतिनिधि अभय विश्वकर्मा पर बड़ा आरोप लगा है. आरोप है कि उसने  उज्जैन का माधवनगर अस्पताल हाईजेक कर रखा है. वह लोगों से रुपए लेकर उनके मरीजों को यहां बेड दिलवाता था. उसकी वजह से 94 ऑक्सीजन वाले बेड पर होते थे, जबकि 50 ऑक्सीजन वाले बिस्तर के लिए जद्दोजहद करते थे.

माधवनगर अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर संजीव कुमरावत ने जब अभय की हरकत देखी तो उन्होंने व्यवस्था सुधारने की कोशिश की. लेकिन, काफी कोशिशों के बाद वे खुद परेशान हो गए और नगर निगम कमिश्नर से ट्रांसफर मांगा. उनके आवेदन पर ट्रांसफर कर भी दिया गया. इस मामले को लेकर कांग्रेस ने मंत्री मोहन यादव का इस्तीफा मांगा है.

ऐसे हुआ मामले का खुलासा

दरअसल, अस्पताल के प्रभारी डॉ. संजीव  कुमरावत  की चैटिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और मामला सामने आ गया. कुमरावत ने  नगर निगम कमिशनर क्षितिज सिंघल को 1 मई को  सुबह 8:45 पर  WhatsApp किया था. उन्होंने लिखा- अपने आप को उच्च शिक्षा मंत्री का प्रतिनिधि कहने वाले अभय विश्वकर्मा ने माधव नगर अस्पताल को हाईजेक कर रखा है. मुझे माधव नगर से रिलीव करा दें. यहां बहुत परेशानी है. नागदा में नया 50 बेड  वाला अस्पताल शुरू हो रहा है आप वहां  ट्रांसफर कर दीजिए. इसके बाद अगले ही दिन डॉ. कुमरावत का ट्रांसफर हो गया.

Youtube Video

मंत्री प्रतिनिधि का बंद हो गया था काम

कुमरावत ने कहा कि अभय गैर कानूनी तरीके से अस्पताल के बेड पर कब्जा करता था. मैं यहां 25 दिन प्रभारी रहा और मरीजों की सहूलियत के लिए टोकन सिस्टम बनाया.  लेकिन, अभय को ये पसंद नहीं आया. क्योंकि इसके कारण उसका काम बंद हो गया. शिकायत मिलने के बाद अधिकारियो ने कुछ समय के लिए माधव नगर अस्पताल में अभय को प्रतिबंधित कर दिया था.  माधव नगर अस्पताल में ICU के डीलक्स रूम भी हैं.  अभय द्वारा लाए गए मरीज, जिनकी ऑक्सीजन 94 या 95 होती थी वे ICU में रहते थे, जबकि 50  SPO2 ऑक्सीजन वालों को पलंग के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती थी. अस्पताल का कुछ स्टाफ भी इसके साथ मिला हुआ है. इनके माध्यम से उसे पता चल जाता था कि कहां कौन सा  बेड खाली  हुआ है.



कांग्रेस ने कहा- मंत्री मोहन यादव को देना चाहिए इस्तीफा

इधर, तराना कांग्रेस विधायक महेश परमार ने कहा कि अभय की इस हरकत पर तो मंत्री मोहन यादव को इस्तीफा देना चाहिए. अस्पताल में बेड बेचने की जानकरी हमने भी मंत्री मोहन यादव को दी थी.  अभय पर लगे आरोप  पूर्णतः सत्य हैं. ICU के अधिकतर बेड अभय के इशारों पर ही अलॉट होते थे.  अगर इसकी सही मायनो में जांच  की जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज