रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर से नहीं निकाली गई गेर, पुजारियों ने निभाई परंपरा, कोरोना के कारण उज्जैन रहा बंद

उज्जैन में इस बार महाकाल मंदिर से हर साल निकलने वाली गेर नहीं निकल सकी.

उज्जैन में इस बार महाकाल मंदिर से हर साल निकलने वाली गेर नहीं निकल सकी.

देश के बारह ज्योतिलिंगो में से एक उज्जैन के महाकाल मंदिर से प्रतिवर्ष रंगपंचमी पर निकलने वाले गेर पर भी इस बार कोरोना का साया दिखा. इसी वजह से शहर भर में निकलने वाले ध्वज चल समारोह की परंपरा को पुजारियों ने महाकाल मंदिर परिसर में ही पूरा कर लिया.

  • Last Updated: April 2, 2021, 10:38 PM IST
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उज्जैन. महाकाल की नगरी उज्जैन में इस बार रंगपंचमी पर भी कोरोना का असर साफ देखने को मिला.  हर साल मंदिर परिसर से निकलने वाला चल ध्वज समारोह की परंपरा को पुजारियों ने निभाई, क्योंकि इस बार कोरोना के कारण चल समारोह शहर में निकाला गया.

देश के बारह ज्योतिलिंगों में से एक महाकाल मंदिर से प्रतिवर्ष रंग पंचमी पर निकलने वाले गेर इस बार नहीं निकाली जा सकी. जिसके कारण शहर भर में निकलने वाले ध्वज चल समारोह को महाकाल मंदिर परिसर में ही कोटि तीर्थ से लेकर मंदिर परिसर में घुमा कर खत्म कर दिया गया. बता दें कि उज्जैन में लगातार कोरोना के बढ़ रहे संक्रमितों के चलते इस साल महाकाल में ना तो श्रद्धालुओं को प्रवेश मिला ना ही रंगपंचमी पर श्रद्धालु महाकाल के साथ रंगपंचमी बना पाए. आज शाम को निकलने वाली गेर में भी आम श्रद्धालु शामिल नहीं हो सके.

ऐसे करनी पड़ी पूजा

पुरानी परम्परा ध्वज-चल-समारोह वर्षों से चली आ रही परम्परा का निर्वहन पूजरीगण और पुरोहित गण ने किया. सभा मंडप में गोधूलि बेला में पूजारी घनश्याम गुरू ने वीरभद्र जी का विधिवत पूजन अर्चन व आरती की तत्पश्चात ध्वज पूजन कर सभी ध्वज लेकर मंदिर स्थित पवित्र कोटितीर्थ कुन्ड की परिक्रमा करते हुए होलिका पूजन स्थल से सभी वापस सभा मण्डप पंहुचे. पूजा ASP अमरेंद्र सिंह, तहसीलदार पूर्णिमा सिंघी व मन्दिर अधिकारी गण ने की. पुरोहित समिति के अध्यक्ष अशोक गुरु, प्रदीप गुरु, संजय गुरु के साथ ही अन्य पुजारी व पुरोहितगण उपस्थित थे. कोरोना के चलते उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने सावधानी व सुरक्षा के पालन व सीमित संख्या के तारतम्य में उपस्थिति अधिकृत पूजारी व पुरोहित गण की संख्या सीमित रखी गयी थी.
2 महीने तक लगी रहेगी धारा 144   

कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण आमजन के स्वास्थ्य एवं जीवन को लेकर प्रतिकूल परिस्थितियां निर्मित होने की संभावनाओं को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा-144 के तहत उज्जैन जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमाओं के अन्तर्गत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करते हुए किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस, गेर, फाग उत्सव, मिलन समारोह, प्रदर्शन, मेलों के आयोजन, धरना आदि का आयोजन प्रतिबंधित कर दिया है. उज्जैन में  कोरोना संक्रमितों  की संख्या में लगातार बढ़ने के बाद कलेक्टर ने धारा 144 लगाकर आगामी दो माह तक के लिए  प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है.
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