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नेपाल के उपराष्ट्रपति का सलाहकार बताकर ठाठ-बाट से घूम रहा था नटवरलाल, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

नेपाल के उपराष्ट्रपति का सलाहकार बताकर ठाठ-बाट से घूम रहा था नटवरलाल, ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

नेपाल के उपराष्ट्रपति का फर्ज़ी सलाहकार उज्जैन में गिरफ्तार

नेपाल के उपराष्ट्रपति का फर्ज़ी सलाहकार उज्जैन में गिरफ्तार

तीनों बकायदा सर्किट हाउस में रुके थे और वीवीआईपी (VVIP) का दर्जा लेकर तमाम सुविधाएं ले रहे थे. इससे पहले आगर-मालवा में इन्होंने बगुलामुखी देवी के दर्शन भी वीवीआईपी बनकर किए

    ​उज्जैन पुलिस ने ऐसे नटवरलाल को अरेस्ट किया है जो खुद को नेपाल के उपराष्ट्रपति का खास सलाहकार बताकर VVIP बनकर घूम रहा था. पुलिस ने जालसाज गिरोह के मुख्य आरोपी और उसके 2 साथियों को गिरफ्तार कर लिया है. अब तक की पूछताछ में पता चला है कि यह तीनों राजस्थान के रहने वाले हैं और इनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हैं. तीनों बकायदा सर्किट हाउस में रुके थे और वीवीआईपी का दर्जा लेकर तमाम सुविधाएं ले रहे थे. इससे पहले आगर-मालवा में इन्होंने बगुलामुखी देवी के दर्शन भी वीवीआईपी पास पर किए लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी.

    ऐसे हुआ फर्ज़ीवाड़े का ख़ुलासा
    देवास रोड स्थित सर्किट हाउस में बीती रात राजस्थान नंबर की कार से तीन लोग पहुंचे. इनमें से महावीर प्रसाद तोरड़ी ने खुद को नेपाल के उपराष्ट्रपति का विशेष सांस्कृतिक सलाहकार बताया. तोरड़ी के साथ दो लोग और भी थे. इनमें से प्रमोदा शर्मा ने खुद को स्पेशल एडवाइजर टू फर्स्ट वाइस प्रेसिडेंट बताया. जबकि कुलदीप शर्मा ने खुद को नेपाल सरकार का निज सचिव बताया. यहां सर्किट हाउस प्रभारी को उनकी पहचान को लेकर शंका हुई और उसने माधव नगर थाने को सूचना दे दी. इसके बाद पुलिस की टीम सर्किट हाउस पहुंची और महावीर प्रसाद से पूछताछ की.

    नहीं पेश कर पाए काग़ज़ात
    पुलिस के मुताबिक, महावीर प्रसाद तोरड़ी से विशेष सांस्कृतिक सलाहकार होने का प्रूफ मांगा गया. लेकिन वो कोई भी आधिकारिक कार्ड या दूसरे कागजात नहीं दिखा पाया. उसने पुलिस के सामने अलग-अलग विजिटिंग कार्ड रखे, जिनमें ए केयर टू वाइस प्रेसिडेंट गर्वमेंट ऑफ नेपाल के साथ नेपाल का एक पता लिखा था. इसके अलावा महावीर प्रसाद के पास से पुलिस को एक पत्र भी मिला जिसमें नेपाल सरकार के प्रथम और वर्तमान उपराष्ट्रपति का सलाहकार होना बताया गया था. इसमें तोरड़ी को 30 और 31 जनवरी को उज्जैन जिले में इंडो नेपाल समरसता सोशल मिशन यात्रा के तहत सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस प्रशासन को निर्देश लिखे थे. लेकिन तीनों के पास से नेपाल सरकार के कोई अधिकृत कागजात नहीं मिले.

    पुलिस ने दर्ज किया केस
    पुलिस के मुताबिक, इन कागजातों से साफ नहीं हो रहा कि उक्त महावीर प्रसाद नेपाल के उपराष्ट्रपति द्वारा अधिकृत हैं. इसी वजह से पुलिस ने तीनों के खिलाफ धारा 419ए, 420ए, 464ए, 465ए, 468ए, 470ए, 471ए, 120 बीए 34 के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है. इनके पास से पुलिस ने गर्वमेंट ऑफ नेपाल की नेमप्लेट लगी कार भी जब्त कर ली है. विशेष साइबर सेल अब मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है. तीनों राजस्थान के रहने वाले हैं और इन पर अन्य राज्यों में आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं.

    मां बगलामुखी के भी किए दर्शन
    इससे पहले गुरुवार को ये तीनों आरोपी आगर मालवा पहुंचे थे. इन्होंने वीवीआईपी ठाठ-बाठ के साथ नलखेड़ा में पीताम्बरा सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना की थी. इनके साथ बकायदा पुलिस की एक फॉलो गाड़ी मौजूद रही. अपर कलेक्टर की ओर से इनकी व्यवस्था के लिए एक लेटर भी जारी किया गया था.

    (उज्जैन से आनंद निगम की रिपोर्ट)

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    Tags: India nepal, Nepal, Ujjain mahakal mandir, Ujjain news

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