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इस घाट पर भगवान राम ने किया था पिंडदान, अब बेटे मोबाइल से कर रहे हैं तर्पण

Anand Nigam | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 19, 2019, 2:16 PM IST
इस घाट पर भगवान राम ने किया था पिंडदान, अब बेटे मोबाइल से कर रहे हैं तर्पण
उज्जैन में मोबाइल एप के ज़रिए पितरों का तर्पण

उज्जैन के सिद्धवट घाट पर दिलचस्प नज़ारा है. पंडे अपने मोबाइल पर ऑनलाइन मंत्र पढ़ते हैं और दूर बैठे यजमान अपने घर में बैठकर श्राद्ध कर रहे हैं. पूजन की दक्षिणा भी पंडों के बैंक अकाउंट में ऑनलाइन पहुंच रही है

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उज्जैन. वक्त की कमी और अपनों से दूरी ने श्राद्ध पर तर्पण का तरीका भी बदल दिया है. अब जजमान परदेस में बैठकर मोबाइल एप के ज़रिए पितरों को तर्पण कर रहे हैं.उज्जैन (ujjain)के सिद्धवट घाट पर तो ये नज़ारा रोज देखने मिल रहा है. पंडित व्यस्त देश-विदेश में बसे भारतीय यजमानों की पूजा करवाने में व्यस्त हैं.

राम-लक्ष्मण ने राजा दशरथ का किया था पिंडदान- उज्जैन के सिद्धवट महादेव मंदिर के घाट पर इन दिनों अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलाने के लिए भीड़ है. दूर-दूर से यहां लोग पितरों का श्राद्ध करने आ रहे हैं. मान्यता है कि राम-लक्ष्मण ने उज्जैन के इसी सिद्ध वट घाट पर राजा दशरथ का पिंड दान किया था. भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय का मुंडन संस्कार  भी यहीं हुआ था.  माता पार्वती ने भी इसी घाट पर एक वट वृक्ष लगाया था. इन्हीं मान्यता के कारण दूर-दूर से लोग अपने पितरों के पिंडदान और तर्पण के लिए सिद्ध वट घाट पहुंचते हैं. देश के चार वटवृक्ष  में से एक उज्जैन के सिद्ध घाट पर है.

पंडितों की दक्षिणा भी अकाउंट में ऑनलाइन पहुंच रही है


 पंडित माहिर-उज्जैन में इस बार श्राद्ध पक्ष में नया नजारा देखने मिल रहा है.जो लोग उज्जैन आकर तर्पण या अन्य विधि नहीं कर पा रहे हैं वो अब दूर देस-विदेश में बैठकर ही मोबाइल के ज़रिए तर्पण कर रहे हैं. पंडित भी माहिर हो गए हैं. ये लोगों से सोशल मीडिया और तमाम मोबाइल एप के ज़रिए सारे विधि-विधान के ज़रिए लोगों से तर्पण करवा रहे हैं.

 सोशल मीडिया का सहारा-पंडित राजेश त्रिवेदी के मुताबिक दशरथ के तर्पण के अलावा और भी कई मान्यताएं इस घाट को लेकर हैं. सिद्ध वट घाट का वर्णन स्कन्द पुराण में भी है. श्राद्ध पक्ष में दूर दूर से तर्पण और पूजन के लिए लोग उज्जैन पहुंचते हैं. बदले वक़्त में जिन लोगों के पास समय नहीं है और जो यजमान उज्जैन नहीं आ सकते वो अब सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं.
सिद्धवट घाट का नज़ारा- घाट पर दिलचस्प नज़ारा है. पंडे अपने मोबाइल  पर ऑनलाइन मंत्र पढ़ते हैं और दूर बैठे यजमान अपने घर में बैठकर श्राद्ध कर रहे हैं. पूजन की दक्षिणा भी  पंडों के बैंक अकाउंट में ऑनलाइन पहुंच रही है. हालांकि पुजारी कहते हैं, इस तरह की पूजा का फल वैसा नहीं मिलता जैसा सिद्ध वट घाट पर पूजन करने से मिलता है.

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First published: September 19, 2019, 1:43 PM IST
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