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कार्तिक पूर्णिमा पर क्षिप्रा नदी में महा स्नान, घाटों पर सिंहस्थ जैसा नज़ारा

News18 Madhya Pradesh
Updated: November 12, 2019, 11:55 AM IST
कार्तिक पूर्णिमा पर क्षिप्रा नदी में महा स्नान, घाटों पर सिंहस्थ जैसा नज़ारा
उज्जैन में कार्तिक पूर्णिमा पर क्षिप्रा नदी में पवित्र स्नान

कार्तिक पूर्णिमा (kartik purnima) पर उज्जैन (ujjain) में क्षिप्रा (shipra river) के घाटों पर श्रद्धालुओं का मेला है. मोक्षदायिनी नदी में स्नान के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं. मान्यता के मुताबिक, कार्तिक पूर्णिमा पर क्षिप्रा नदी में नहान करने से सुख-शांति मिलती है.

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उज्जैन. कार्तिक पूर्णिमा (kartik purnima) पर उज्जैन (ujjain) में पवित्र स्नान हो रहा है. क्षिप्रा नदी (shipra river) में आस्था की डुबकी (holy bath) लगाने हजारों लोग पहुंचे हैं.मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर क्षिप्रा में नहान करने से कार्तिक माह में होने वाले सभी पर्व और पूजन का लाभ मिलता है. दीप दान और अन्य सामग्री दान करने से पित्रों को मोक्ष मिलता है. कार्तिक पूर्णिमा पर भी सिंहस्थ जैसा नज़ारा उज्जैन में रहता है. बड़े स्नान को देखते हुए ज़िला प्रशासन व्यापक इंतज़ाम करता है.

कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान
कार्तिक पूर्णिमा पर उज्जैन में क्षिप्रा के घाटों पर श्रद्धालुओं का मेला है. अल सुबह से यहां घाटों पर श्रद्धालुओं का मेला लगने लगा था. मोक्षदायिनी नदी में स्नान के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचे हैं. मान्यता के मुताबिक, कार्तिक पूर्णिमा पर क्षिप्रा नदी में नहान करने का अपना अलग महत्व है. लोग मानते हैं कि कार्तिक की पूर्णिमा पर क्षिप्रा में नहान करने से घर में सुख शान्ति प्राप्त होती है. दरसल एक महीने तक महिलाएं और युवतियां कृष्ण भगवान का पूजन करती हैं. एक माह के पूजन के बाद कार्तिक पूर्णिमा पर क्षिप्रा नदी में स्नान के बाद पूजन पूरा माना जाता है. लोग नदी में दीपदान करते हैं.
दीपदान का महत्व

ऐसी मान्यता है कि दीपदान से पित्रों के लिए बैकुंठ के द्वार खुल जाते हैं. पं. राकेश जोशी पुजारी के अनुसार इस दिन को दीप उत्सव के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन न सिर्फ कृष्ण बल्कि विष्णु और शिव की पूजन का भी विधान है. यही वजह है कि कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालु क्षिप्रा में स्नान के लिए पहुंचते हैं. तीन-चार दिन तक पूरा शहर बाहर से आए श्रद्धालुओं से पटा रहता है.घाटों और महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है.
पुलिस-प्रशासन का सख़्त इंतज़ाम
इस बड़े स्नान को देखते हुए उज्जैन में पुलिस और ज़िला प्रशासन व्यापक इंतज़ाम करता है. पूरे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था से लेकर घाटों पर स्नान के विशेष इंतज़ाम किए जाते हैं. पुलिस का कड़ा पहरा रहता है और घाटों पर नाव और गोताखोर तैनात किए जाते हैं. (उज्जैन से आनंद निगम की रिपोर्ट)ये भी पढ़ें-मुलताई से भी है गुरु नानक देव का नाता, हर साल यहां लगता है मेला

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First published: November 12, 2019, 11:55 AM IST
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