कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी को बताया अल्पज्ञानी, कहा - जो पर्ची पकड़ा दो, वही पढ़ देते हैं

कैलाश विजयवर्गीय ने विधायकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भाजपा को कांग्रेस से श्रेष्ठ पार्टी बताया. (फाइल फोटो)

कैलाश विजयवर्गीय ने विधायकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भाजपा को कांग्रेस से श्रेष्ठ पार्टी बताया. (फाइल फोटो)

उज्जैन में कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान राहुल गांधी को अल्पज्ञानी बताते हुए तंज किया. उन्होंने कहा, राहुल गांधी को जो पर्ची पकड़ा दो, वहीं पढ़ देते हैं.

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  • Last Updated: February 13, 2021, 6:22 PM IST
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उज्जैन. भाजपा के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे और अंतिम दिन कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधायकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम जरूरी है. इसके साथ ही उन्होंने इसी को लेकर मीडिया से चर्चा के दौरान राहुल गांधी को अल्पज्ञानी बताते हुए तंज भी किया. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, राहुल गांधी को जो पर्ची पकड़ा दो, वहीं पढ़ देते हैं. कोई गलत स्लिप उनके पास पहुंच जाए, तो वे उसे भी पढ़ जाते हैं.

भाजपा नेता और महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि राहुल गांधी ने जिस जमीन को लेकर बात कही, उन्हें ही नहीं पता कि उनके नानाजी के समय युद्ध कर चाइना ने उसे कब्जा कर लिया था. ये सब अल्पज्ञान के लक्षण हैं. उन्हें जो पर्ची उन्हें दी गई, वही वे पढ़ गए. उनके यहां कोई प्रशिक्षण नहीं होता. कई बार गलत पर्ची आ जाती है तो वे उसे भी पढ़ देते हैं. ये संसद का अपमान है. राहुल गांधी के 'हम दो, हमारे दो' वाले बयान पर उन्होंने कहा कि वे भी शुरू से हम दो हमारे दो ही हैं. वे कौन से ज्यादा हैं.

कांग्रेस से भाजपा में आए विधायकों के लिए कही ये बात

विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस से भाजपा में आए विधायकों से मैंने पूछा कि 10-20 साल के अनुभव में कभी ऐसा प्रक्षिशण रहा, तो बताइये. उन्होंने कहा - कभी नहीं. तो देखिए अन्य दल और हमारे दल में यही अंतर है कि यहां सबको प्रशिक्षण दिया जाता है. यह राष्ट्रीय स्तर तक के कार्यकर्ताओं को भी दिया जाता है.
बीजेपी में हर नेता का कमिटमेंट होता है पूरा

उन्होंने कहा कि यह पार्टी की वैचारिक प्रतिबद्धता है . यहां हर नेता के कमिटमेंट को पूरा किया जाता है. जैसे उदाहरण के तौर पर डॉ श्यमा प्रसाद मुखर्जी ने सन् 63 में धारा 370 हटाने को कहा था. इसे अब जाकर नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हटाया गया. हमें कई बार इसका नुकसान भी झेलना पड़ा. मंदिर को लेकर 5 बार सरकार गई. लेकिन प्रतिबद्ध थे मंदिर के लिए और उसे पूर्ण किया गया.

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