लापरवाही की हद: स्टॉप डैम फूटने से लाखों गैलन गंदा पानी महाकाल की शिप्रा में मिला, नदी फिर हुई मैली

मध्य प्रदेश के उ्ज्जैन में शिप्रा नदी एक बार फिर मैली हो गई.

मध्य प्रदेश के उ्ज्जैन में शिप्रा नदी एक बार फिर मैली हो गई.

Careless System And Negligence : महाकाल नगरी की शिप्रा नदी फिर एक बार पूरी तरह से मैली हो गई. सरकारी इसकी सफाई पर वैसे ही करोड़ों रुपए खर्च कर चुकी है. लापरवाही की वजह से लाखों गैलन गंदा पानी फिर नदी में मिल गया.

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उज्जैन. सरकारी सिस्टम में लापरवाही की वजह से महाकाल की शिप्रा नदी एक बार फिर पूरी तरह मैली हो गई. इसके लिए उज्जैन के वह अफसर जिम्मेदार हैं, जिनकी अनदेखी से लाखों गैलन गंदा पानी उसमें दोबारा मिल गया. बता दें कि कुछ दिनों पहले ही नर्मदा का साफ पानी भी शिप्रा में छोड़ा गया था. इस तरह ये पूरी मेहनत बर्बाद हो गई. यह स्थिति देर रात अचानक स्टॉप डैम फूटने से बनी.

दरअसल, जिस बात का अंदेशा था वो ही हुआ. त्रिवेणी स्थित खान नदी पर बना स्टॉप डैम देर रात अचानक फूट गया. बता दें, इंदौर से उज्जैन की ओर आ रही खान नदी में साल भर गंदा पानी भरा रहता है. इस गंदे पानी को शिप्रा नदी में मिलने से बचाने के लिए शिप्रा नदी और खान नदी के संगम पर लाखों रुपए खर्च कर मिट्टी से स्टॉप डैम को बनाया था. कई दिनों से पानी के भराव के चलते अंदेशा लगाया जा रहा था कि ये डैम कभी भी फूट सकता है. लेकिन, अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया और अब डैम फूटते ही लाखों गैलन गन्दा पानी शिप्रा नदी में मिल गया.

एक साल पहने बनाया गया था स्टॉप डेम

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