Lockdown: अब 19 को खुलेंगे इंदौर और उज्जैन, महाकाल सहित सभी धार्मिक स्थल बंद, 4986 नए केस आए सामने

मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन में लॉकडाउन लगा दिया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन में लॉकडाउन लगा दिया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Lockdown: Coronavirus को देखते हुए इंदौर और उज्जैन को 19 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है. उज्जैन में महाकाल मंदिर सहित सभी धार्मिक स्थल बंद रहेंगे. संक्रमण को देखते हुए और भी सख्ती की जा सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 10, 2021, 3:07 PM IST
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उज्जैन/इंदौर. कोरोना की बढ़ती रफ्तार के बीच मध्य प्रदेश सरकार अब और ज्यादा सख्त हो गई है. राजधानी भोपाल के बाद अब इंदौर और उज्जैन में 9 दिन संपूर्ण लॉकडाउन लगा दिया गया है. अब ये शहर 19 अप्रैल को ही खुलेंगे. उज्जैन में महाकाल सहित सभी धार्मिक स्थलों को बंद कर दिया गया है.

क्राइसिस मैनेजमेंट की बैठक में शनिवार दोपहर ये निर्णय लिया गया. दरअसल, राज्य में कोरोना संक्रमित लगातार बढ़ रहे हैं. बीते 24 घंटे में कोरोना मरीजों के रिकॉर्ड 4,986 केस मिले हैं. इस दौरान कोरोना संक्रमण से 24 लोगों की मौत भी हुई है. स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, सबसे ज्यादा इंदौर में 912 और भोपाल में 736 संक्रमित आए हैं. इस तरह प्रदेश में एक्टिव केस 32 हजार से ज्यादा हो गए हैं. 52 जिलों में से 47 जिले ऐसे हैं, जहां 100 या उससे ज्यादा एक्टिव केस हैं. अप्रैल के पहले हफ्ते में ही 23 हजार संक्रमित बढ़े हैं.

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प्रदेश में संक्रमण दर 13% से ज्यादा 
संक्रमण दर 13% से ज्यादा है. अगर संक्रमितों के बढ़ने की यही रफ्तार रही तो अप्रैल के अंत तक 90 हजार संक्रमित हो जाएंगे. शुक्रवार शाम 6 बजे से प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों में 60 घंटे का लॉकडाउन लगाया गया है, जो सोमवार सुबह 6 बजे तक जारी रहेगा. रतलाम में 9 दिन का बंद है. कटनी, खरगोन और बैतलू 7 दिन तक लॉकडाउन है. छिंदवाड़ा में गुरुवार शाम से ही 7 दिन का लॉकडाउन जारी है. भोपाल के कोलार क्षेत्र में भी 9 दिन का लॉकडाउन लगाया गया है. सुबह से ही भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सख्ती शुरू कर दी गई है. बाजार पूरी तरह से बंद हैं। सड़कों पर पुलिस तैनात है। जगह-जगह सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई है। बेवजह सड़कों पर निकले लोगों को लौटाया जा रहा है। सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को ही जाने दिया जा रहा है।

पूर्व मंत्री ने लगाए सीएम पर ये आरोप

उधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक ली. इस पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि मैंने बैठक में कई सुझाव दिए. RTPCR की रिपोर्ट 7 दिनों तक नहीं आ रही है. जांच की रिपोर्ट जल्द सामने आनी चाहिए. सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या 50 फीसदी की जाए. पीसी ने आरोप लगाया कि सरकार मौत के आंकड़े छुपा रही है.



उन्होंने कहा कि जनता को जीवन रक्षक इंजेक्शन MRP रेट पर उपलब्ध होनी चाहिए. साथ ही, कोरोना का फ्री इलाज सरकार करवाए. पूर्व मंत्री ने कहा कि दमोह में उपचुनाव के चलते सरकार वहां के कोरोने संक्रमण के आंकड़े छुपा रही है. सरकार को यहां की चिंता नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोल रहे हैं कि वैक्सीन लगने के बाद लोगों को नशा नहीं करना चाहिए, वहीं प्रदेश सरकार शराब की दुकानें खोले हुए है.
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