आप भी करें दर्शन: भस्म आरती में महाकाल ने खेली होली, जमकर उड़ा अबीर-गुलाल, हुई फूलों की बारिश

महाकाल ने भस्म आरती के दौरान जमकर होली खेली.

महाकाल ने भस्म आरती के दौरान जमकर होली खेली.

Holi with Mahakal: महाकाल के होली खेलने के साथ ही पूरी दुनिया में होली का उत्सव शुरू हो गया. भस्म आरती में पुजारियों ने महाकाल के साथ जमकर होली खेली. उन पर अबीर-गुलाल से साथ-साथ फूल भी बरसाए गए.

  • Last Updated: March 29, 2021, 1:28 PM IST
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उज्जैन. दुनिया भर में मनाए जाने वाले होली के त्योहार की शुरुआत धार्मिक नगरी उज्जैन से हो गई. त्योहार की शुरुआत विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर से हुई. बाबा महाकाल के दरबार में होली का उत्सव धूम-धाम से मनाया गया. यहां सुबह 4 बजे भस्मारती में पण्डे-पुजारियों ने महाकाल के साथ होली खेली.

यहां सभी ने बाबा की भक्ति में लीन होकर अबीर-गुलाल और फूलों के साथ होली मनाई. बाबा का दरबार रंगों से सराबोर नजर आया. कोरोना काल के कारण बाबा महाकाल की भस्म आरती में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है. यही वजह है कि यहां होली के इस त्योहार पर श्रद्धालु नजर नहीं आए. इस वजह से होली की भस्म आरती बगैर श्रद्धालु के ही संपन्न हुई. महाकाल मंदिर में भस्मारती के दौरन होली मनाने की परंपरा सनातन काल से चली आ रही है.

हर त्योहार मनाया जाता है धूमधाम से

गौरतलब है कि बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ही भस्म आरती की परम्परा है. भस्म आरती रोजाना सुबह 4 बजे होती है और परम्परा अनुसार दिवाली, गुड़ी पड़वा, नया वर्ष, मकर संक्रांति, होली सभी त्योहारों की शुरुआत भगवान महाकाल  के साथ भस्म आरती में ही की जाती है. इसके चलते सभी त्योहार यहां धूम-धाम से मनाए जाते हैं.
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सड़कों पर दिखा कोरोना का असर

मंदिर के पुजारी की मानें तो पहली बार ऐसा संयोग बना है जब बिन श्रद्धालुओं के मंदिर में होली मनाई गई. पूरे उत्सव पर कोरोना संक्रमण का बड़ा असर पड़ा. दरअसल, लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमित मरीजों को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन में भी एक दिन का लॉकडाउन लगाया गया था.



उज्जैन में लॉकडाउन का 100 प्रतिशत असर देखने को मिला. मेडिकल स्टोर्स छोड़कर सभी प्रतिष्ठान बंद थे. आम लोग घरों में ही रहे.  शहर के प्रमुख चौराहे टावर चौराहा , बस स्टेण्ड , रेलवे स्टेण्ड , चामुंडा माता मंदिर, गोपाल मंदिर, सराफा सहित अन्य भीड़ भाड़ वाली सारी जगहों पर लॉकडाउन का असर देखने को मिला.  इक्का-दुक्का लोग निकले तो पुलिस ने भी सख्ती नहीं दिखाई, सिर्फ पूछ कर जाने दिया गया.

ऑटो चालकों ने मांगा तीन गुना किराया

लॉकडाउन से सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को हुई, जो अन्य शहर से उज्जैन पंहुचे थे. उज्जैन रेलवे  स्टेशन पर सुबह मुम्बई से आई अवंतिका एक्सप्रेस से उतरे एक यात्री ने आरोप लगाया कि महामारी में भी ऑटो वाले आम लोगों से अवैध वसूली कर रहे हैं. रेलवे स्टेशन से भैरवगढ़ करीब 6 किमी तक जाने के लिए ऑटो वालो ने यात्री से 1000 रुपए मांग लिए, जिसकी शिकायत उज्जैन एसपी के पास भी पंहुची. वहीं, भोपाल से आए यात्रियों ने बताया की ऑटो वालो ने तीन गुना ज्यादा किराया मांगा तो हमने घर वालों को बुलाया. इसी तरह कई यात्री अपने अपने घर जाने के लिए परेशांन  होते रहे.
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