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उज्जैन: महाशिवरात्रि पर प्री- ऑनलाइन बुकिंग के बाद ही कर सकेंगे महाकाल के दर्शन, डेढ़ लाख दर्शनार्थियों को मिलेगा लाभ

इस शिवरात्रि में महाकाल के दर्शन के  लिए प्री-ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी.

इस शिवरात्रि में महाकाल के दर्शन के लिए प्री-ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी.

बारह ज्योतिर्लिंग में से एक उज्जैन (Ujjain) के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) में हर वर्ष की तरह महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा. इस बार यहां कोरोना (Corona) देखते हुए भीड़ कम करने के लिए प्रशासन ने प्री-ऑनलाइन टिकट बुकिंग (Pre-online ticket) को अनिवार्य कर दिया है.

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उज्जैन. बारह ज्योतिर्लिंग में से एक विश्व प्रसिद्ध उज्जैन (Ujjain) के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) में हर साल की तरह इस साल भी महाशिव रात्रि पर्व मनाया जाएगा, लेकिन इस बार यहां आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन करने के लिए प्री-ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी. इस पर्व के दौरान भगवान महाकाल को दूल्हा भी बनाया जाता है. नौ दिनों तक अलग-अलग शृंगार किये जाते हैं. इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 3 मार्च से 11 मार्च तक चलेगा.

महाशिवरात्रि की तैयारी के लिए आज उज्जैन संभाग के कमिश्नर, कलेक्टर, आईजी, एसपी, एडिशनल एसपी, सहित आला अधिकारियों ने निरीक्षण किया और आगे की योजना बनाई. इस शिवरात्रि पर महाकाल के दर्शन के लिए एक लाख श्रद्धालु आ सकते हैं. उनकी यात्रा को सुगम बनाने और उनको किसी भी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े इसके लिए प्लान तैयार किया.

दर्शन की होगी नई व्यवस्था 



महाकाल मंदिर में शिवनवरात्रि के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार नई व्यवस्था से गुजरना पड़ेगा. दरअसल यहां दो पार्किंग स्लॉट रखे गए हैं, जिसमे पहला चारधाम मंदिर के पास और दूसरा त्रिवेणी संग्रालय के सामने है. अगर ये दोनों पार्किंग भी फुल हो गई तो इसके बाद श्रद्धालुओं को अपनी गाड़ी या अन्य गाड़ियों से आने वाले श्रद्धालुओं को गदा पुलिया या हरी फाटक ब्रिज के पास अपना वाहन पार्क करना होगा.
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कोविड -19 के चलते सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाकर श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन करवाना मंदिर समिति की जिम्मेदारी है. इसके चलते आज भी अधिकारियो ने साफ कर दिया कि ऑनलाइन प्री- बुकिंग के माध्यम से ही श्रद्धालुओं को दर्शन का लाभ मिल सकेगा. करीब डेढ़ लाख दर्शनार्थी महाकाल मंदिर आएंगे, लेकिन जो लोग प्री- बुकिंग नहीं करा सके उनके लिए भी दर्शन के लिए बुकिंग सेंटर खोले जाएंगे. कार्तिके मंडप से ही श्रद्धालुओं को दर्शन मिल सकेंगे. कुछ रास्तों को वन- वे किया जा रहा है, ताकि आने-जाने में लोगों को परेशानी का सामना ना करना पड़े.

क्यों खास हैं महाकाल

बता दें कि देशभर के बारह ज्योतिर्लिंगों में 'महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग' का अपना अलग महत्व है. महाकाल मंदिर विश्व का एक मात्र ऐसा शिव मंदिर है जहां, दक्षिणमुखी शिवलिंग प्रतिष्ठापित है. यह स्वयंभू शिवलिंग है, जो बहुत जाग्रत है. इसी वजह से यहां भस्म आरती करने का विधान है. मंदिर में 3 मार्च से शिवरात्रि महापर्व मनाया जाएगा.  10 -11 मार्च की मध्यरात्रि 2.30 बजे मंदिर के पट खोलने के बाद भगवान महाकाल को भस्म अर्पित कर आरती की जाएगी. सुबह 5 बजे से आम दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो 12 मार्च की रात 11 बजे शयन आरती तक जारी रहेगा. इस दौरान सतत 43 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे.

दूल्हा बनगे महाकाल 

महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल का दूल्हा रूप में श्रृंगार होगा. भगवान के शीश सवा मन फूल और फलों से बना सेहरा सजाया जाएगा. अगले दिन साल में एक बार दिन में भस्मारती होगी. इससे पूर्व मंदिर में नौ दिन तक शिव नवरात्रि उत्सव मनाया जाएगा. यहां प्रतिदिन भगवान के विभिन्न स्वरूप में दर्शन होंगे.
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