Assembly Banner 2021

खुद डूब गया औरों को बचाने वाला, मामी-भांजे को बचाया, पर खुद हार गया मौत से

पंकज की मौत के बाद उसके साथियों ने अस्पताल में हंगामा किया.

पंकज की मौत के बाद उसके साथियों ने अस्पताल में हंगामा किया.

पंकज को तैराकी का लंबा अनुभव था. उसने पहले भी कई बार लोगों की जान बचाई थी. लेकिन, इस बार किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया और वो गहरे पानी में चला गया. उसने मामी-भांजे को तो बचा लिया, लेकिन खुद मौत से हार गया.

  • Last Updated: February 25, 2021, 4:21 PM IST
  • Share this:
उज्जैन. लोगों के लिए वह एक मिसाल था. दिन भर घाट पर रहता और पैनी नजर रखता. अगर कोई डूब रहा हो या आत्महत्या की कोशिश करे, तो तुरंत पकड़ लेता. लेकिन, इस बार पंकज खुद से ही हार गया. तैरकर लोगों को मौत के मुंह से निकालने वाला पंकज खुद मौत से हार गया.  उसकी मौत पर उसके दल के अन्य सदस्यों अस्पताल में जमकर हंगामा किया.

दरअसल, शिप्रा नदी में डूब रहे मामी-भांजे को बचान में 33 साल के तैराक पंकज चावड़ा ने जान दांव पर लगा दी. उन्होंने महिला को तो पहले सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन पुरुष को बचाने के दौरान खुद गहरे पानी में चले गए. पास में खड़े अन्य तैराकों ने बेहोशी की हालत में उन्हें निकाला और जिला अस्पताल ले गए. यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पंकज के परिवार वालों को 4 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी.

इस तरह महिला नदी में गिरी



जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के जलगांव से हरीश परिवार के साथ महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आए थे. उनके साथ औरंगाबाद की उनकी मामी मंगलाबाई भी थी. हरीश ने बताया कि सुबह महाकाल और अन्य मंदिरों के दर्शन के बाद हम रामघाट आए थे. वहां मामी ने शिप्रा में डुबकी लगाने की इच्छा जताई. मामी नदी में उतर गईं. वह सीढ़ियों पर स्नान कर रही थीं कि अचानक पैर फिसलने से वह पानी में गिर गईं. इधर, हम सभी परिवार के साथ बातों में मशगूल थे, तभी किसी ने आवाज लगाई कि महिला डूब रही है. मैंने देखा कि मामी पानी में डूब रही थी. ये देख मैं बचाने के लिए पानी में कूद गया. मुझे भी तैरना नहीं आता था.
पंकज को निकाला, लेकिन बचा नहीं पाए

घाट पर मौजूद तैराक पंकज चावड़ा उर्फ गंभीर ने पानी में छलांग लगा दी. उसने मंगलाबाई को तो निकाल लिया. इसके बाद हरीश को बचाने के लिए जब दोबारा पानी में उतरा, तो खुद ही गहरे पानी में चला गया. उसे डूबता देख घाट पर खड़े अन्य तैराक पानी में उतर गए. उन्होंने हरीश और पंकज को निकाला. पंकज को अचेत अवस्था में बाहर लाया गया. आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

पीएम रिपोर्ट के बाद साफ होगी स्थिति

दल में शामिल संतोष ने बताया कि पंकज अच्छा तैराक था. वह काफी समय से घाट पर सेवा दे रहा था. उसने कई बार लोगों को डूबने से बचाया है. ऐसा लगता है कि पानी में उसकी सांस फूलने लगी थी. उधर, रामघाट पुलिस चौकी इंचार्ज मोहन सिंह परमार ने बताया कि पंकज के साथी तैराकों ने बताया कि उसे मिर्गी का दौरा पड़ता था. संभव है, पानी में उसे दौरा पड़ गया हो. पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा.

अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गम्भीर आरोप

पंकज को उपचार के लिए अस्पताल ले गए साथियों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया. मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करवाया और पंकज की बॉडी का पोस्टमार्टम करवा कर परिवार के सुपुर्द कर दिया. डॉ. पर आरोप लगाते हुए राम घाट एसोसिएशन संघ के सदस्य सोनू सेन ने कहा कि अब हम सरकार को जगाएंगे. हमारी जान की किसी को परवाह नहीं. डॉक्टरों ने पंकज के इलाज की कोई व्यवस्था नहीं की.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज