Home /News /madhya-pradesh /

MP News: उज्जैन में अचानक बढ़ा शिप्रा नदी का जलस्तर, रामघाट पर डूबे कई मंदिर, जानिए क्या हैं हालात

MP News: उज्जैन में अचानक बढ़ा शिप्रा नदी का जलस्तर, रामघाट पर डूबे कई मंदिर, जानिए क्या हैं हालात

एमपी के उज्जैन जिले में भारी बारिश की वजह से शिप्रा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया. रामघाट के कई मंदिर डूब गए.

एमपी के उज्जैन जिले में भारी बारिश की वजह से शिप्रा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया. रामघाट के कई मंदिर डूब गए.

Madhya Pradesh News: एमपी के उज्जैन जिले में अलर्ट जारी है. यहां आसपास के इलाकों में 24 घंटे से, जबकि शहर में सुबह 5 बजे से बारिश हो रही है. इसकी वजह से शिप्रा नदी का जल स्तर अचानक बढ़ गया. नदी पर स्थित रामघाट पर कई छोटे-बड़े मंदिर पानी में डूब गए हैं.

अधिक पढ़ें ...

उज्जैन. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) के उज्जैन और आसपास के इलाकों में 24 घंटे से हो रही बारिश की वजह से शनिवार सुबह शिप्रा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है. सुबह 5 बजे से शहर में भी बारिश का दौर जारी है. नदी पर स्थित रामघाट पर कई छोटे-बड़े मंदिर पानी में डूब गए हैं. शनिवार सुबह रामघाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को रोकने के लिए होमगार्ड के सैनिक लगा दिए गए. उन्होंने कई लोगों को रामघाट से दूर किया. लगातार बढ़ रहे जलस्तर  के बाद  शिप्रा नदी पर बना  छोटा पुल पानी में डूब गया है. इसे दोनों ओर से बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया.

रिमझिम बारिश का दौर शुक्रवार को दिनभर थमा रहा, लेकिन  बीती देर रात तेज बारिश शुरू हो गई, जो रात 2 बजे तक जारी थी. सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई. बादल छाए रहे. शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 23 डिग्री दर्ज किया गया. आर्द्रता सुबह 90 और शाम को 70 फीसदी रही. हवा की रफ्तार सुबह 2 और शाम को 6 किलोमीटर दर्ज की गई. बीते 24 घंटे में 3.6 मिमी बारिश हुई है. लेकिन शिप्रा नदी का जल स्तर आसपास के क्षेत्रों सहित इंदौर में हुई बारिश के बाद  देर रात से बढ़ने लगा था.

अभी तक 0.06% सामान्य से ज्यादा बारिश 

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 5 से 6 दिनों के ब्रेक के बाद एक बार फिर से मानसून (Monsoon) सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. कई हिस्सों में जोरदार पानी गिर रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि रविवार तक भारी बारिश का दौर चलता रहेगा. मध्य प्रदेश में तीन सिस्टम सक्रिय होने की वजह से अधिकांश जिलों में बारिश हो रही है. प्रदेश  में 1 जून से 19 अगस्त तक 0.06% सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है. प्रदेश भर के 30 जिले अभी औसत बारिश के आंकड़े से दूर हैं. तय समय से पहले मानसून के दस्तक देने के बाद भी प्रदेश के ज्यादातर जिलों को बारिश की दरकार है.

इन जिलों में हुई इतनी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, बीते 24 घंटे में शाजापुर में 66.0 मिली मीटर, खण्डवा में 52.0 मिमी, छिंदवाड़ा में 49.4 मिमी, रायसेन में 28.4 मिमी, नरसिंहपुर में 26.0 मिमी, होशंगाबाद में 24.8 मिमी, सीधी में 20.4 मिमी, पचमढ़ी में 19 मिमी, गुना में 19.0 मिमी, सिवनी में 18.2 मिमी, मंडला में 11.6 मिमी, सतना में 10.4 मिमी, जबलपुर में 10.3 मिमी, बैतूल में 5.4 मिमी, खरगोन में 5.2 मिमी, दमोह में 5.0 मिमी, भोपाल में 4.8 मिमी, मलाजखंड में 4.4 मिमी, उज्जैन में 4.4 मिमी, सागर में 4.2 मिमी, इंदौर में 4.1 मिमी, रीवा में 2.8 मिमी, उमरिया में 2.4 मिमी, धार में 1.7 मिमी व भोपाल सिटी में 8.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई.

30 जिलों में अभी बारिश का कोटा पूरा नहीं

प्रदेश भर में भारी बारिश के बाद भी 30 जिले अभी भी सामान्य बारिश के कोटे से दूर हैं. अगस्त महीने के 20 दिन बीतने के बाद भी औसत बारिश का कोटा अभी 30 जिलों में पूरा नहीं हुआ है. अनूपपुर 3 फीसदी, बालाघाट 36 फीसदी, छतरपुर 23 फीसदी, दमोह 41 फीसदी, डिंडोरी 9 फीसदी, जबलपुर 37 फीसदी, कटनी 28 फीसदी, मंडला 18 फीसदी, नरसिंहपुर 1 फीसदी, पन्ना 34 फीसदी और सागर में 13 फीसदी बारिश हुई है.

झमाझम बारिश के आसार

मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बना है. मानसून ट्रफ का पश्चिमी छोर हिमालय की तराई में है, जबकि पूर्वी छोर बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र तक बना है. इसके अतिरिक्त पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है. इन 3 वेदर सिस्टम के सक्रिय रहने से बड़े पैमाने पर नमी के आने का सिलसिला शुरू हो गया है. इस वजह से पूरे मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश होने के आसार बन गए हैं. बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके असर से प्रदेशभर के ज्यादातर जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है.

Tags: Heavy Rainfall, Mp news, Rivers flooded

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर