• Home
  • »
  • News
  • »
  • madhya-pradesh
  • »
  • सावन का पहला सोमवार: प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले बाबा महाकाल, कीजिए Live दर्शन

सावन का पहला सोमवार: प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले बाबा महाकाल, कीजिए Live दर्शन

सावन के हर सोमवार और भादों के पहले दो सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकाली जाती है.

सावन के हर सोमवार और भादों के पहले दो सोमवार को बाबा महाकाल की सवारी निकाली जाती है.

MP News: सावन के पहले सोमवारके लिए रविवार रात से ही महाकाल मंदिर के बाहर लाइन लगनी शुरू हो गई थी. मंदिर के पट तड़के 2.30 बजे खोले गए. भक्तों का प्रवेश सुबह 5 बजे से शुरू हुआ.

  • Share this:
उज्जैन. उज्जैन में आज सावन के पहले सोमवार को बाबा महाकाल (Mahakal) भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले. परंपरा अनुरास बाबा की सवारी निकाली गयी. लेकिन कोरोना (Corona) के कारण इस बार भक्तों को इसमें शामिल होने की इजाजत नहीं है. इस बार सवारी का मार्ग भी छोटा रखा गया है. महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों का अल सुबह से बाबा के दर्शन के लिए तांता लगा हुआ है. भक्त गर्भगृह में तो प्रवेश नहीं कर सके, लेकिन नंदी हॉल के गेट पर लगे बैरिकेट से पूजा कर सकते थे. सैकड़ों भक्त रविवार रात से ही मंदिर के बाहर जमा होने लगे थे. भक्तों को सुबह 5 बजे से प्रवेश दिया गया. मंदिर के पट तड़के 2:30 बजे खोल दिए गए. सबसे पहले सभी पंडे-पुजारियों ने जल चढ़ाया. उसके बाद दूध, घी, शहद, शकर व दही से पंचामृत अभिषेक किया गया. अभिषेक के बाद बाबा का भांग से शृंगार कर भस्म रमाई गई.

कोरोना काल है और भस्म-शयन आरती में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध है. इसलिए गणेश मंडप, नंदी हॉल, कार्तिक हॉल आरती के समय खाली दिखाई दिए. सुबह 5 बजे से मंदिर में दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ. गेट नंबर 4 प्रवेश द्वार पर वेक्सीन सर्टिफिकेट दिखा कर श्रद्धालुओं ने प्रवेश किया.

क्या है महोत्सव का महत्व
पुजारी महेश गुरु ने बताया कि शिव पूजा का इस महीने में खास महत्व है. अवन्तिका नगरी में ज्योतिर्लिंग होने से इसका अत्यधिक महत्व है. उन्होंने बताया कि भस्म रमाने से तात्पर्य है बाबा को भस्म से स्नान करवाना. यहां रोज बाबा का अलग स्वरूप में शृंगार होता है. इसमें भांग का विशेष महत्व होता है.

शाम को निकली सवारी
राजा महाकाल को यहां विश्व के राजा की पदवी प्राप्त है. ऐसे में सोमवार शाम 4 बजे जब बाबा नगर भ्रमण पर निकलते है तो उन्हें सबसे पहले शासकीय सलामी दी जाती है जो मंदिर से बड़ा गणेश होती हुई शिप्रा पहुंचती है और शाम 6 बजे मंदिर लौटती है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज