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सिपाही ही जेल के अंदर ले जा रहे थे चरस, अधीक्षक ने रंगे हाथ पकड़ा, तत्काल किया सस्पेंड

सिपाही ही जेल के अंदर ले जा रहे थे चरस, अधीक्षक ने रंगे हाथ पकड़ा, तत्काल किया सस्पेंड

उज्जैन की भैरवगढ़ सेंट्रल जेल में तीन सिपाही चरस डिलीवर कर रहे थे. उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

उज्जैन की भैरवगढ़ सेंट्रल जेल में तीन सिपाही चरस डिलीवर कर रहे थे. उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

MP Bairavgarh Jail news: उज्जैन की भैरवगढ़ सेंट्रल जेल में 28 नवंबर को अजीबो-गरीब वाकया हुआ. जेल अधीक्षक ऊषा राजे राउंड पर थीं और चेकिंग कर रही थीं. इस बीच उन्होंने तीन सिपाहियों को देखा जिनके मुंह पूरी तरह भरे हुए थे. उन्होंने सिपाहियों से मुंह खोलने को बोला तो वे नहीं माने. राजे ने जबरदस्ती मुंह खुलवाया तो हैरान रह गईं. तीनों सिपाहियों ने मुंह में चरस की पुड़िया रखी हुई थी और जेल के अंदर डिलीवरी करने जा रहे थे. तीनो को सस्पेंड कर दिया गया. इसकी जानकारी एसपी ने जेल मुख्यालय भी दे दी है.

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    उज्जैन. उज्जैन की सेंट्रल भैरवगढ़ के प्रहरी ही अपराधी बनने पर उतारू हैं. जेल अधीक्षक ऊषा राज ने रविवार को खुद 3 प्रहरियों को मुंह में चरस रखकर जेल के अंदर जाते देखा. तीनों को पकड़कर सस्पेंड कर दिया गया है. जेल अधीक्षक ऊषा राजे ने इसकी सूचना जेल मुख्यालय को भेज दी है. ये आरोपी बाहर से चरस खरीदकर जेल में बंद कैदियों को डबल रेट में बेचते थे.

    जानकारी के मुताबिक, 28 नवंबर की शाम को काल भैरव की सवारी निकलने वाली थी. जेल अधिकारी-कर्मचारी और बंदी सवारी देखने की तैयारी कर रहे थे. जेल अधीक्षक ऊषा राज राउंड पर थीं और चेकिंग कर रही थीं. उन्होंने जेल के तीन प्रहरियों बलराम, शाहरुख और यशपाल कहार पर शक हुआ, क्योंकि उनके मुंह भरे हुए थ.. उन्होंने तीनों से मुंह खोलने को बोला, लेकिन आरोपी इसके लिए तैयार नहीं हुए. इसके बाद उन पर सख्ती की गई तो उनके मुंह से चरस की पुड़िया निकली. जेल अधीक्षक ने तुरंत चरस को जब्त किया और उसी वक्त पंचनामा बनाया. तीनों सिपाहियों को तत्काल सस्पेंड कर दिया गया. बताया जा रहा है कि जेल अधीक्षक ने इसकी सूचना जेल डीजी को भी दे दी है. जेल मुख्यालय तीनों दोषियों को बर्खास्त कर सकता है.

    जेल में डबल रेट में बेचते थे चरस

    जेल अधिकारियों के मुताबिक, सिपाही यशपाल ने आरोप को स्वीकार कर लिया है. उसने बताया है कि वह बाहर से 800 रुपए में नशा खरीदता था और कैदियों को 1500 रुपए में देता था. वह यह दो-तीन बार पहले भी कर चुका है. अब इस बात की जांच की जाएगी कि सिपाही आखिर किससे चरस खरीदते थे और जेल के अंदर किसे देते थे. इसकी जांच के लिए पुलिस को भी पत्र लिखा गया है.

    Tags: Mp news, Ujjain news

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