उज्जैन में हंगामा: आरोप- डॉक्टरों ने पहले मरीज को कोरोना पॉजिटिव बताया, फिर नेगेटिव बताकर बोले – ले जाओ लाश

उज्जैन के कोविड अस्पताल मे जमकर हंगामा हुआ.

उज्जैन के कोविड अस्पताल मे जमकर हंगामा हुआ.

उज्जैन में हंगामा, Madhav Nagar Covid Hospital; यहां एक मृतक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया. डॉक्टर पर लगा गंभीर आरोप. आरोप है कि मृतक को पहले कोरोना पॉजिटिव बताया गया और फिर नेगेटिव बताया गया.

  • Last Updated: April 17, 2021, 5:59 PM IST
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उज्जैन. उज्जैन के माधव नगर कोविड अस्पताल में एक मृतक के परिजनों ने जमकर हंगामा किया. आरोप है कि डॉक्टरों ने पहले मृतक को कोरोना पॉजिटिव बताया था और अचानक ये कहकर शव लौटा दिया कि वह कोरोना नेगेटिव था. डॉक्टरों ने परिजनों ने कहा कि ये असमंजस की स्थिति दो मरीजों का एक ही नाम होने की वजह से हुई.

इधर, कोविड अस्पताल में हंगामे की खबर सुन पुलिस भी बड़ी संख्या में पहुंच गई. Eye वार्ड में भर्ती मरीज नितेश अग्रवाल के परिजनों ने बताया कि नितेश को पहले डॉक्टरों ने कोरोना पॉजिटिव बताया और इंजेक्शन मंगवा लिए. और फिर, अचानक हमें फोन आया कि आपका मरीज कोरोना नेगेटिव है, आप इसकी लाश ले जाइए. इसके कुछ देर बाद ही परिजनों ने जबरदस्त हंगामा कर दिया. पुलिस ने जैसे-तैसे उनको समझाकर मामले को शांत किया. इस मामले में अस्पताल के डॉ. भोज राज शर्मा और CNHO महावीर खंडेलवाल कुछ भी  बोलने से इंकार कर दिया.

लगने वाला था रेमडेसिविर इजेक्शन

बताया जाता है कि जिस मरीज की मौत हुई है, उसे माधव नगर के Eye वार्ड में भर्ती किया गया था. रेमडेसिविर इंजेक्शन की वेटिंग लिस्ट में उसका नंबर चौथा था.   सूत्रों से मिली जानकारी  सुबह तक वो बिलकुल ठीक था. उसने बाहर से दूध भी मांगा, लेकिन जब अस्पताल के कर्मचारियों ने उसे बताया कि सभी मरीजों के लिए दूध आ चुका है, कुछ देर में आपको मिल जाएगा. इसके बाद मरीज लेटा तो फिर नहीं उठा.
एमपी में मचा हाहाकार

बता दें,  मध्य प्रदेश में कोरोना ने हाहाकार मचाया हुआ है. यहां पिछले 24 घंटे में पहली बार 11,269 नए मरीज मिले हैं. इसके साथ ही 66 लोगों की मौत हुई है. 24 घंटे का रिकवरी रेट 57% रहा, इस दौरान 6397 लोग ठीक होकर लौटे हैं. भोपाल में अब इंदौर से ज्यादा केस मिलने लगे हैं. कोरोना की पहली लहर में इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा हॉट स्पॉट रहा. अब भोपाल में आबादी के हिसाब से इंदौर से ज्यादा केस मिल रहे हैं, जबकि भोपाल की आबादी इंदौर से कम है.
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