जल और दूध से नहीं, यहां स्याही से होता है देवी का अभिषेक
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जल और दूध से नहीं, यहां स्याही से होता है देवी का अभिषेक
अभी तक आपने देवी-देवताओं की प्रतिमा पर जल, दूध आदि से अभिषेक होते हुए देखा होगा, लेकिन उज्जैन में सरस्वती माता का एक ऐसा मंदिर है जहां स्याही चढ़ाकर अभिषेक किया जाता है.

अभी तक आपने देवी-देवताओं की प्रतिमा पर जल, दूध आदि से अभिषेक होते हुए देखा होगा, लेकिन उज्जैन में सरस्वती माता का एक ऐसा मंदिर है जहां स्याही चढ़ाकर अभिषेक किया जाता है.

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अभी तक आपने देवी-देवताओं की प्रतिमा पर जल, दूध आदि से अभिषेक होते हुए देखा होगा, लेकिन उज्जैन में सरस्वती माता का एक ऐसा मंदिर है जहां स्याही चढ़ाकर अभिषेक किया जाता है.

दरअसल, शहर के सिंहपुर स्थित देवी सरस्वती के मंदिर में बसंत पंचमी और परीक्षा के दिनों स्याही से अभिषेक करने वाले भक्तों और परीक्षार्थियों का तांता लग रहता है.

बसंत पंचमी पर बुद्धि और विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा करने की परंपरा है. इसी मान्यता के चलते उज्जैन में माता सरस्वती के एक मंदिर में खास तरीके से पूजा की जाती है और स्याही से उनका अभिषेक किया जाता है. पुरानी मान्यता है कि ऐसा करने से बुद्धि और विद्या की देवी सरस्वती प्रसन्न होती हैं.



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छात्रा श्यामली का कहना है कि, उनके अलावा तमाम छात्र-छात्राएं रोजाना सरस्वती माता के मंदिर में दर्शन करने के बाद स्कूल जाते हैं. इससे उनका पढ़ने में मन लगता है और बुद्धि तेजस्वी होती है.

यही नहीं, बसंत पंचमी और परीक्षा के दिनों में माता-पिता अपने बच्चों को लेकर विद्या और बुद्धि की देवी सरस्वती के मंदिर में आते हैं और बच्चों के हाथों से माता सरस्वती को स्याही चढ़वाते हैं. बच्चों और उनके माता पिता सभी का मानना है इससे परीक्षा में अच्छे अंक आते हैं.
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