करिश्मा: फार्मूले से नहीं, चालीसा पढ़ते ही निकल जाएंगे मुश्किल सवालों के हल
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गणित... यूं तो तीन शब्द है. लेकिन इन तीन शब्दों में दुनिया के समीकरण जुड़े हुए हैं. अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर कारोबार की दुनिया की नींव में कहीं न कहीं गणित जरूर होता है. लेकिन ये गणित भी बड़ा अजीब सब्जेक्ट है. यदि मन में डर बैठ जाए तो इससे मुश्किल सब्जेक्ट दुनिया में कोई नहीं और यदि दिल में उतर जाए तो इससे आसान कुछ नहीं.

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गणित... यूं तो तीन शब्द है. लेकिन इन तीन शब्दों में दुनिया के समीकरण जुड़े हुए हैं. अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर कारोबार की दुनिया की नींव में कहीं न कहीं गणित जरूर होता है. लेकिन ये गणित भी बड़ा अजीब सब्जेक्ट है. यदि मन में डर बैठ जाए तो इससे मुश्किल सब्जेक्ट दुनिया में कोई नहीं और यदि दिल में उतर जाए तो इससे आसान कुछ नहीं.

आज गणित दिवस है. महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के मौके पर यह खास दिन मनाया जाता है. इस खास मौके पर प्रदेश18 आपको एक ऐसे शिक्षक से मिलाने जा रहा हैं, जिन्होंने गणित को पढ़ाने का नया तरीका इजाद किया है.

दुनिया में बात की जाए तो गणित को आसान समझने वालों के बजाए इसे सिरदर्द मानने वाले स्टूडेंट का आंकड़ा काफी ज्यादा होगा. गणित की इसी मुश्किल को दूर करने के लिए मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में सरकारी उत्कृष्ट स्कूल के शिक्षक डॉ. दशरथ मसानिया ने अभिनव प्रयोग किया है.



शिक्षक मसानिया ने गणित पढ़ाने की एक नयी शैली विकसित की है. इस शैली में गायन के जरिए बच्चों को गणित की बारीकियों से रूबरू कराया जा रहा है. शिक्षक मसानिया ने इसके लिए छोटी कक्षाओं से लेकर हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के छात्र-छात्राओं के लिए हनुमान चालिसा की तर्ज पर गणित चालीसा लिखी है, साथ ही में गणित के दोहे भी तैयार किए हैं.
Maths Teacher agar malwa


गणित के मुश्किल फॉर्मूले, परिभाषाओं और समीकरणों को गणित चालीसा और दोहों के माध्यम से आसाना बनाया गया है. छात्रों के लिए दोहे याद करना कोई मुश्किल बात नहीं है. वह बेहद आसानी से ये दोहे और गणित चालीसा को याद करते हैं और इस तरह गणित विषय से जुड़ी सारी कठिनाइयां भी दूर हो जाती है.

शिक्षक मसानिया बताते हैं कि मिडिल, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के बच्चों के लिए अलग-अलग दोहे बनाए गए हैं. इन दोहों में ही गणित के मुश्किल सवालों के जवाब छुपे हुए हैं. ऐसे में दोहों को याद कर छात्र-छात्राएं गणित में पारंगत हो रहे है.

Maths Chalisa


उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में अंग्रेजी भाषा के शिक्षक के रूप में पदस्‍थ डॉ. मसानिया हिन्‍दी, अंग्रेजी और संस्‍कृत में विशेष योग्‍यता रखते हैं. वो अब तक 12 पुस्‍तकें और 40 से अधिक नवाचार लिख चुके हैं.
वैसे तो डॉ. मसानिया ने हिन्‍दी, योग, गणित, संस्‍कृत, अंग्रेजी सहित कई विषयों पर नवाचार प्रयोग लिखे हैं, लेकिन उनका ये नया प्रयोग बच्चों से लेकर शिक्षकों के बीच में काफी लोकप्रिय हो रहा है.

डॉ. मसानिया इन नवाचारों से बच्चों के साथ शिक्षकों को भी कई बार प्रशिक्षण दे चुके हैं. उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ होने के अलावा वह जिले के अलग-अलग स्कूलों में जाकर छात्र-छात्राओं को अपने प्रयोगों से गणित की मुश्किलों को हल करने में मदद करते हैं.

Maths Teacher

शासकीय कन्या स्कूल में शिक्षिका डॉ. शिखा जैन बताती हैं कि बच्चों को पढ़ाने का यह तरीके बेहद रोचक है. गणित को गाते हुए पढ़ाने के बारे में कोई सोच नहीं सकता, लेकिन सर के इजाद किए तरीके से न केवल बच्चों की मुश्किलें हल हो रही, बल्कि उनका मनोरंजन भी हो रहा है. कुछ ऐसी ही मिडिल स्कूल के प्रिंसिपल रामगोपाल दामड़िया की राय है.

शिक्षक मसानिया 1997 के लेखन कार्य से जुड़े हुए हैं. गणित चालिसा के साथ ही उन्होंने प्रायमरी, मिडिल और हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी कक्षाओं के लिए अलग फंडे बनाए हैं. उन्होंने निर्वाचन पर भी दोहे लिखे थे,जिन्हें प्रसिद्ध कबीर गायक प्रहलाद टिपणिया ने अपने सुरों में पिरोया था.
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