Ujjain News: कबाड़ में मिले किसान कर्ज माफी के प्रमाण पत्रों को लेकर BJP-कांग्रेस में घमासान, कबाड़ी ने किया ये काम

कबाड़ी वाले ने किसान कर्ज माफी के प्रमाण पत्रों को जला दिया है.

कबाड़ी वाले ने किसान कर्ज माफी के प्रमाण पत्रों को जला दिया है.

उज्‍जैन (Ujjain) में कबाड़ी दुकान पर जय किसान फसल ऋण माफी योजना के प्रमाण पत्र मिलने के बाद मध्‍य प्रदेश में हंगामा मचा हुआ है. सबे के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने पूर्व कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) पर निशाना साधा है. वहीं, बवाल होने के बाद कबाड़ी ने सभी प्रमाण पत्रों को जला दिया है.

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उज्जैन. मध्‍य प्रदेश के उज्‍जैन में कबाड़ में मिले हजारों किसानों के जय किसान फसल ऋण माफी योजना (Jai Kisan Crop Loan Waiver Scheme) के महंगे एसीपी शीट पर बने हजारों प्रमाण पत्र (Certificate) भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासत की वजह बन गए हैं. यही नहीं, इन हजारों प्रमाण पत्र ने प्रदेश की पूर्व कांग्रेस सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है. जबकि इस मामले पर सूबे के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने भी ने तत्कालीन कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) पर निशाना साधा है. उन्‍होंने कहा कि प्रमाण पत्र ताम्र के हों या कागज के, कांग्रेस सरकार ही पूरी झूठ पर खड़ी थी. आप ना मेरी सुनो ना ही कांग्रेस की, एक ऐसा किसान लाकर बताओ जिसका कर्ज माफ हुआ हो. प्रमाण पत्र पर हंगामा मचने के बाद कबाड़ी वाले ने इन्‍हें आगे के हवाले कर दिया है. यही नहीं, फिलहाल कबाड़ी वाला मीडिया के सामने आ नहीं रहा है.

बहरहाल, मध्‍य प्रदेश के उज्‍जैन में कबाड़ी की दुकान पर मिले हजारों किसानों के जय किसान फसल ऋण माफी योजना के प्रमाण पत्रों के बाद हंगामा मचा हुआ है. इस बीच मध्‍य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश सचिव कमल चौहान ने इस मामले में तत्कालीन जिम्मेदार अधिकिरियों को ऋण माफी पत्र न बांटने का आरोप लगाते हुए शिवराज सरकार से जांच की मांग की है.

यह है पूरा मामला

दरअसल शहर के बड़नगर मार्ग स्तिथ एक कबाड़ी वाले को इंदौर के एक बैंक द्वारा रद्दी बेची गई, जो कि एसीपी शीट पर बनी किसानों के जय किसान फसल ऋण माफी योजना के मंहगे प्रमाण पत्रों की रद्दी है. इसे पूर्व में सूबे की कमलनाथ सरकार द्वारा किसानों को बांटने के लिए छपवाया गया था. इस शीट पर तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ की तस्वीर है. इस पर बड़े-बड़े शब्दों में किसान सम्मान पत्र लिखा है और नीचे सीएम कमलनाथ के हस्ताक्षर हैं. बात बड़ी इसलिए है क्योंकि कांग्रेस सरकार किसानों के ऋण माफी के नाम पर बनी और वादा किया गया सबके ऋण 10 दिन में माफ किये जाएंगे.
अगर सबके ऋण माफ हुए तो रद्दी में पड़े इन महंगे प्रमाण पत्रों का जिम्मेवार कौन और यह एक्स्ट्रा हैं, तो फिर जनता की कमाई की बर्बादी क्यों? वहीं, मंगलवार को कांग्रेस ने कर्ज माफी पर विधानसभा में हंगामा कर वाकआउट किया था. संभव है कि इन प्रणाम पत्रों को लेकर कांग्रेस और भाजपा में अभी और रार होना बाकी है, क्‍योंकि भाजपा के साथ राज्‍यसभा सांसद ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया ने भी कमलनाथ सरकार पर किसानों से धोखा करने का आरोप लगाया था.
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