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उज्जैन: हाईटेक हुआ सिद्धवट घाट, मोबाइल पर ऑनलाइन श्राद्ध पूजन करवा रहे यहां के पंडित
Indore News in Hindi

Anand Nigam | News18 Madhya Pradesh
Updated: September 14, 2019, 8:09 PM IST
उज्जैन: हाईटेक हुआ सिद्धवट घाट, मोबाइल पर ऑनलाइन श्राद्ध पूजन करवा रहे यहां के पंडित
श्राद्ध पक्ष में दूर दूर से तर्पण और पूजन के लिए श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं.

उज्जैन (Ujjain) के सिद्धवट महादेव मंदिर के घाट (Siddha Vat Ghat) पर अब ऑनलाइन श्राद्ध (Online shraddha) की सुविधा भी मिल रही है. मान्यता है कि राजा दशरथ का तर्पण भगवान राम ने इसी घाट पर किया था. इस पौराणिक मान्यता के कारण यहां श्राद्ध पक्ष पर लोगों की भीड़ लगी रहती है.

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उज्जैन. देश के चार वटवृक्षों में से एक उज्जैन (Ujjain) के सिद्ध वट घाट (Siddha Vat Ghat) पर स्थित है. देश भर में कर्मकांड और तर्पण के लिए सिद्ध वट को जाना जाता है. पुराणों के मुताबिक भगवान राम ने यहीं पर अपने पिता राजा दशरथ का तर्पण किया था. अब उज्जैन में श्राद्ध पक्ष में एक नया नजारा देखने को मिल रहा है. जो लोग उज्जैन आकर तर्पण या अन्य विधि नहीं कर पा रहे हैं वो अब उज्जैन में बैठे हाईटेक पंडितों के माध्यम से घर बैठे ही तर्पण करवा रहे हैं.

भगवान राम ने उज्जैन में किया था पिता का तर्पण
यहां ऑनलाइन तर्पण करवाने वाले पंडित राजेश त्रिवेदी ने बताया की श्राद्ध पक्ष में उज्जैन का अपना अलग महत्व है. आदि अनादिकाल में भगवान राम वनवास के दौरान उज्जैन पहुंचे थे और उसी दौरान उन्होंने अपने पिता की मृत्यु के पश्चात सिद्ध वट घाट पर उनका तर्पण किया था. भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय का मुंडन संस्कार भी यहीं हुआ था. इसके अलावा माता पार्वती ने यहां एक वटवृक्ष लगाया था. इस सिद्ध वट घाट का वर्णन स्कन्द पुराण में भी है. श्राद्ध पक्ष में दूर दूर से तर्पण और पूजन के लिए श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं.

News - पंडित मोबाइल पर मंत्र पढ़ते हैं और उधर यजमान अपने घर में उनके निर्देश के अनुसार पूजा करता है.
पंडित मोबाइल पर मंत्र पढ़ते हैं और उधर यजमान अपने घर में उनके निर्देश के अनुसार पूजा करते हैं.


उज्जैन के पंडित करवा रहे हाईटेक श्राद्ध
जो यजमान किसी भी कारण से उज्जैन नहीं आ सकते वो अब सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं. श्राद्ध पक्ष में पूर्वजों की आत्मा शांति हेतु पिंडदान और तर्पण के लिए देशभर में प्रसिद्ध उज्जैन के सिद्ध वट घाट पर इन दिनों हाइटेक श्राद्ध भी करवाए जा रहे हैं. घाट पर बैठे पंडे अपने मोबाइल पर ऑनलाइन मंत्र पढ़ रहे हैं, तो यजमान अपने घर में बैठकर श्राद्ध कर रहे हैं.

यही नहीं पूजन की दक्षिणा भी यजमान ऑनलाइन ही पंडों के बैंक अकाउंट में डाल रहे हैं. पंडित पहले यजमान को तीर्थ में आने की सलाह देते हैं, जब वह यहां नहीं आकर घर में पूजन की स्वीकृति देता है, तभी पूजन करवाते हैं. हालांकि पंडित राजेश त्रिवेदी इस तरह की पूजा का फल वैसा नहीं मानते जैसा सिद्ध वट घाट पर पूजन का मिलता है.ऐसे होती है पूजा
पंडित अपने मोबाइल पर ऑनलाइन मंत्र पढ़ते हैं और उधर यजमान अपने घर के पूजा वाले स्थान पर अपने मोबाइल या अन्य साधनों के साथ पूजन करने बैठते हैं और पंडित के निर्देश के अनुसार पूजा विधि संपन्न करते हैं. पूजा शुरू करने से पहले बाकायदा फोन पर यजमान को एक बार पूरी विधि समझाई जाती है, ताकि पूजा के दौरान उसे समझने में परेशानी न आए.

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First published: September 14, 2019, 7:02 PM IST
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