उज्जैन : स्मार्ट सिटी के काम में राय न लेने से संत समाज नाराज़, 13 अखाड़ों ने दी आंदोलन की चेतावनी

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में महाकाल मंदिर के आसपास नये निर्माण किए जाना हैं.
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में महाकाल मंदिर के आसपास नये निर्माण किए जाना हैं.

संतों (Sants) ने बैठक की और चेतावनी दी है कि अगर साधु संतों को स्मार्ट सिटी (Smart City) के काम से दूर रखा तो जल्द ही आंदोलन किया जाएगा.

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उज्जैन. उज्जैन (Ujjain) में चल रहे स्मार्ट सिटी के काम से संत समाज नाराज़ है. उनकी नाराज़गी की वजह ये है कि स्मार्ट सिटी (Smart City) के काम में संतों की सलाह नहीं ली जा रही. संतों ने क्षिप्रा नदी में गंदे नालों का पानी मिलने पर भी आपत्ति जताई है. उनका कहना है स्मार्ट सिटी के काम में ये भी शामिल किया जाए और नाले-नालियों की निकासी क्षिप्रा में बंद की जाए.

उज्जैन में स्मार्ट सिटी प्रोजक्ट के काम ज़ोर-शोर से शुरू हो चुके हैं. इसमें करोड़ों रुपए का खर्च कर महाकाल मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में विकास कार्य किए जा रहे हैं. उज्जैन के साधु संत और समाजसेवियों ने इन कार्यों पर विरोध जताया है. रुद्रसागर और महाकाल मंदिर के फेस वन और फेस टू में म्यूजियम, एंट्री गेट, पार्किंग, धर्मशाला और ऋषि-मुनियों सहित भगवान शिव की मूर्तियां विराजित करने का प्लान है. संतों की नाराज़गी ये है कि मंदिर के आसपास बिना साधु संतों से पूछे तोड़फोड़ की जा रही है.  स्मार्ट सिटी के काम में मंदिर संबंधी फैसलों में संतों की राय नहीं ली जा रही है.

13 अखाड़ों के संतों ने किया विरोध
स्मार्ट सिटी के काम में मंदिर संबंधी निर्माण में राय न लेने पर तेरह अखाड़ों के साधु संतों ने अपना विरोध दर्ज कराया है.साधु संतों ने एक मत से कहा- मंदिर से संबंधित काम में हमारी राय भी ली जाए ताकि महाकाल मंदिर का वैभव उसी तरह बना रहे. श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन-पूजन के लिए दूर-दूर से उज्जैन आते हैं. महामंडलेश्वर आचार्य शेखर ने कहा श्रद्धालु उज्जैन में प्रदर्शनी देखने नहीं आते वो महाकाल के दर्शन के लिए आते हैं. उन्हें भगवान महाकाल  के दर्शन  श्रद्धा के साथ आसानी से हो जाएं प्रशासन को ऐसी व्यवस्था करना चाहिए
नये निर्माण पर आपत्ति


स्मार्ट सिटी योजना के तहत उज्जैन के महाकाल मंदिर सहित इस इलाके में कई बड़े काम इस समय चल रहे हैं. इसमें रुद्रसागर योजना में देवी-देवताओं, ऋषि मुनियों की मूर्ति लगाई जाना हैं. महाकाल मंदिर में रुद्र सागर के पास मंदिर की पुरानी धर्मशाला और अन्य क्षेत्र को तोड़कर नया प्रवेश द्वार बनाने का प्लान है.

संतों की चेतावनी
संतों ने बैठक की और चेतावनी दी है कि अगर साधु संतों को स्मार्ट सिटी के काम से दूर रखा तो जल्द ही आंदोलन किया जाएगा. यदि शासन प्रशासन इस बैठक में हुई चर्चा पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देता है तो अगली बैठक के बाद प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत होगी.
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