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Ujjain : चिंतामन गणेश मंदिर स्टेशन का नाम उर्दू में लिखने पर विवाद, आवाहन अखाड़े ने जताया एतराज़

उज्जैन के इस स्टेशन का नाम गणेश मंदिर के नाम पर रखा गया है.

उज्जैन के इस स्टेशन का नाम गणेश मंदिर के नाम पर रखा गया है.

Ujjain : उज्जैन (Ujjain) रेलवे स्टेशन से करीब 6 किमी दूर एक नया स्टेशन बनकर तैयार हुआ है जो प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर के ठीक सामने बनाया गया है.

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उज्जैन.मध्य प्रदेश (MP) में चल रही नाम बदलने की सियासत के बीच उज्जैन (Ujjain) का नया बना चिंतामन स्टेशन उद्घाटन से पहले ही विवाद में आ गया है. विवाद स्टेशन की नाम पट्टिका को लेकर है.उसमें स्टेशन का नाम उर्दू में लिखा है.इस पर आवाहन अखाड़े के संत महामंडलेश्वर आचार्य शेखर ने आपत्ति जताई है. उन्होंने पट्टिका हटाने की मांग की है.

उज्जैन से फ़ातियाबाद की ओर जाने वाली नैरो गेज लाइन कई साल पहले बंद कर दी गयी थी.उसके बाद इस रेलवे लाइन पर फिर से ब्रॉड गेज लाइन डाली गयी और स्टेशन का निर्माण नये सिरे शुरू किया गया. उज्जैन से चलकर फातियाबाद जाने के लिए पहले ही स्टेशन का नाम चिंतामन गणेश रखा गया है.उज्जैन में महाकाल मंदिर दर्शन के बाद अधिकतर श्रद्धालु भगवान् चिंतामन गणेश के मंदिर जरूर जाते हैं. ये देश भर में काफी  प्रसिद्ध मंदिर भी है.

नया बना है स्टेशन
उज्जैन रेलवे स्टेशन से करीब 6 किमी दूर एक नया स्टेशन बनकर तैयार हुआ है जो प्रसिद्ध  चिंतामन गणेश मंदिर के ठीक सामने बनाया गया है. इस रेलवे स्टेशन का अभी तो उद्घाटन भी नहीं हुआ है. लेकिन इसका नाम उर्दू में लिखने पर विवाद खड़ा हो गया है.सभी रेलवे स्टेशनों की तरह इस स्टेशन पर भी रेलवे ने एक पट्टिका बनवायी और लगा दी जिस पर स्टेशन का नाम और समुद्र तल से ऊंचाई लिखी गयी है जो की हिन्दी और उर्दू दोनों में लिखी गयी है. अब आवाहन अखाड़े के संत महा मंडलेश्वर आचार्य शेखर ने इस पर आपत्ति जता दी और और जल्द ही स्टेशन पर लगी पट्टिका से हटाने की मांग कर दी.



सुर्खियों में रहे हैं संत
आवाहन अखाड़े के संत और महामण्डलेश्वर  आचार्य शेखर कई बार सुर्खियों में रहे हैं. वो लगातार मुस्लिम धर्म गुरु और कांग्रेस के नेताओं पर हमला बोलते रहे हैं. आज फिर जब उन्हें स्टेशन का नाम उर्दू में लिखे होने की जानकरी मिली तो उन्होंने कहा जेहादी प्रवृति के लोगों की भाषा हम बर्दाश्त नहीं करेंगे.इस्लामिक उर्दू मुगलों  की भाषा बर्दाश्त नहीं करेंगे.अप्राकृतिक भाषा का उपयोग नहीं करें और सावधान रहें.
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