विश्व पर्यटन के नक्शे पर उभरेंगे उज्जैन के महाकाल, फ्रांस के दान से हो रहे विकास कार्य देखने दिल्ली से पहुंची टीम

दो साल में दुनिया के नक्शे पर चमकेंगे उज्जैन के महाकाल, केंद्रीय टीम ने किया निरीक्षण.

दो साल में दुनिया के नक्शे पर चमकेंगे उज्जैन के महाकाल, केंद्रीय टीम ने किया निरीक्षण.

प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन का प्राचीन महाकाल मंदिर विश्व पर्यटन के नक्शे पर आएगा. फ्रांस सरकार ने महाकाल मंदिर के लिए लिए 89 करोड़ रुपये दिए हैं. इसे मिलाकर यहां 500 करोड़ के विकास कार्य चल रहे हैं. केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की टीम महाकाल मंदिर और स्मार्ट सिटी के कामों को देखने पंहुची है.

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उज्जैन. देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन ( Ujjain) का प्राचीन महाकाल मंदिर विश्व पर्यटन के नक्शे पर आएगा. फ्रांस सरकार ( French Government ) ने महाकाल मंदिर के लिए लिए 89 करोड़ रुपये दिए हैं. इसके साथ ही केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ( Union Urban Development Ministry) की टीम महाकाल मंदिर और स्मार्ट सिटी के कामों को देखने पंहुची है. महाकाल मंदिर ( Mahakal Temple) अगले दो सालो में विश्व पर्यटन का बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा.

उज्जैन महाकाल मंदिर विस्तरीकरण के 500 करोड़ रुपए से अधिक के चल रहे कार्यों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्र उज्जैन पंहुचे.  उन्होंने महाकाल मंदिर परिसर और आस-पास चल रहे कार्यों को देखा. जिसके बाद स्मार्ट सिटी के कार्यों को भी देखा. जिन स्थनों का निरीक्षण किया गया उनमें शिप्रा नदी किनारे राम घाट, महाकाल कॉरिडोर ,विस्तरीकरण आदि शामिल हैं. इस दौरान मिश्र ने कहा की जल्द ही उज्जैन ना सिर्फ देश के बल्कि विश्व के मानचित्र पर बड़ा पर्यटन केंद्र बनकर सामने आएगा.

उज्जैन में चल रहे विकास कार्यों को देखने पहुंचे केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्र  और  अमरेंद्र प्रताप ने उज्जैन शहर में चल रहे कार्यों की समीक्षा की. दोनों अधिकारियो ने महाकाल मंदिर के विस्तारीकरण से जुड़े कार्यों को देखने के लिए त्रिवेणी संग्राहलय से लेकर महाकाल मंदिर के प्रवेश द्वार तक के सभी कार्यों को बारीकी से मुआयना किया. इसके बाद उन्होंने कॉरिडोर  और महाकाल विस्तारीकरण की फिल्म भी देखी. इस मौके पर उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह, कमिश्नर संदीप यादव, सहित स्मार्ट सिटी और उज्जैन विकास प्राधिकरण के आला अधिकारी भी मौजूद थे.

कलेकटर आशीष सिंह ने बताया की पहले चरण का कार्य अधिकारियों ने देखा है. उन्होंने कहा के ये अमूल्य धरोहर न सिर्फ देश के लिए बल्कि विश्व के लिए बन रही है.  काम पूरा होने के बाद इस कार्य से उज्जैन पर्यटन की दृष्टि से ना सिर्फ देश में बल्कि विश्व के मानचित्र पर दिखाई देगा. फ्रांस सरकार द्वारा दिए गए 89 करोड़ रुपए दान के कामों को भी देखने पंहुची है.
आपको याद होगा कि फ्रांस के भारत में राजदूत इमैनुअल लेनिन ने महाकाल मंदिर में दर्शन किये थे. इस दौरान वे अपनी पत्नी के साथ उज्जैन पंहुचे थे. दर्शन के बाद उन्होंने महाकाल मंदिर में दान करने की इच्छा जताई थी. जिसके बाद कुछ ही दिनों बाद मंदिर समिति को फ्रांस सरकार ने 89 करोड़ रुपए दान में दिए थे.
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