UJJAIN : भस्म आरती के दौरान महाकाल मंदिर के गेट श्रद्धालुओं के लिए जल्द खुलेंगे

17 मार्च से भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद है.
17 मार्च से भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद है.

कोरोना वायरस (Corona Virus) के कारण महज 1000 से लेकर 1200 श्रद्धालुओं को ही भस्म आरती (Bhasma Arti) के दौरान प्रवेश दिया जाएगा.

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उज्जैन.उज्जैन (Ujjain) के महाकाल मंदिर (Mahakal Temple) में भस्म आरती में अब जल्द ही श्रद्धालु फिर से शामिल हो सकेंगे. मंदिर समिति केंद्र सरकार की कोरोना गाइड लाइन के मुताबिक यहां व्यवस्था कर रही है. फिलहाल हजार से लेकर 1200 श्रद्धालुओं को प्रवेश देने पर विचार किया जा रहा है. कोरोना (Corona) संक्रमण के कारण 17 मार्च से महाकाल मंदिर की भस्म आरती में श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया था.

विश्व प्रसिद्ध 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली भस्म आरती के लिए महाकाल मंदिर समिति ने तैयारी पूरी कर ली है. अब जल्द ही यहां श्रद्धालु आरती में शामिल हो सकेंगे.  भारत सरकार की गाइड लाइन आने के बाद मंदिर समिति ने भस्म आरती में श्रद्धालुओं को प्रवेश देने का फैसला किया.

अल सुबह होती है आरती
महाकालेश्वर मंदिर में अल सुबह होने वाली भस्म आरती में शामिल होने दूर-दूर से श्रद्धालु उज्जैन आते हैं. देशभर के सभी शिव मंदिरों और ज्योतिर्लिंगों में से सिर्फ उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में ही भस्म आरती होती है. आरती के दौरान रोज अट्ठारह सौ श्रद्धालु को शामिल होने की अनुमति  मिलती थी.  लेकिन कोरोना महामारी  के कारण प्रवेश रोक दिया गया था. मंदिर के द्वार भी श्रद्धालुओं के लिए काफी समय तक बंद रहे. अभी 5 पंडित पुजारी मिलकर भस्म आरती करते हैं.



सीमित प्रवेश
महाकाल मंदिर के प्रशासक सुजान सिंह रावत के अनुसार मंदिर समिति ने भस्म आरती के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.अब सिर्फ इंतजार है भारत सरकार की इजाज़त का. अब कोरोना वायरस के कारण महज 1000 से लेकर 1200 श्रद्धालुओं को ही भस्म आरती के दौरान प्रवेश दिया जाएगा. महाकाल मंदिर प्रशासक  सुजान सिंह रावत ने कहा आरती के दौरान श्रद्धालुओं के बीच सोशल डिस्टेंस बना रहे इसलिए अब श्रद्धालुओं को सीमित मात्रा में ही प्रवेश दिया जाएगा.
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