कोरोना से जंग: जिम संचालकों ने उतारे कपड़े, सड़क पर मारे पुश अप्स, कहा- हजारों की रोजी-रोटी का सवाल

उज्जैन में जिम संचालकों ने प्रशासन के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया.

उज्जैन में जिम संचालकों ने प्रशासन के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया.

कोरोना से जंग: उज्जैन में जिम संचालकों का प्रदर्शन. उन्होंने सड़क पर कपड़े उतारे और पुश अप्स मारे. उनकी मांग है कि कोरोना काल में जिम खोले जाएं. पीएम मोदी भी एक्सरसाइज के पक्ष में हैं, तो प्रशासन को क्या परेशानी है.

  • Last Updated: April 1, 2021, 3:35 PM IST
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उज्जैन. उज्जैन में सरकार के फरमान के खिलाफ जिम संचालकों ने अनोखा प्रदर्शन किया. उन्होंने न केवल सड़कों पर एक्सरसाइज की, बल्कि आधे कपड़े भी उतार दिए. जिम संचालकों की मांग है कि एक्सरसाइज से इम्युनिटी बढ़ती है, ऐसे में जिम बंद करवाकर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है. वहीं, इस कारोबार से हजारों का पेट पलता है, तो इसे बंद कर देने से सब कहां जाएंगे.

दरअसल कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ने से मामला डरावना हो गया है. इस स्थिति को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने दो दिन पहले ही वो सारे प्रतिष्ठान बंद करने का निर्णय लिया था, जहां लोगों की भीड़ लगती है. इनमें रेस्टोरेंट और जिम भी शामिल हैं.

इस आदेश के बाद प्रशासन जीवाजी गैंग क्षेत्र स्थित प्राइम जिम पर छापा मारा. इस कार्रवाई से नाराज जिम संचालकों ने टावर चौराहे की सड़क पर कपड़े उतारकर न सिर्फ दंड लगाए, बल्कि हाथो में डंबल्स लेकर एक्सरसाइज भी की. बड़ी संख्या में टावर चौराहे पर पंहुचे जिम संचालको ने सांकेतिक प्रदर्शन किया. इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के लिए भारी भीड़ भी इक्क्ठा हो गई थी.

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प्रदेश में 50 हजार से ज्यादा का रोजगार छिनेगा

जिम संचालक राहुल भदौरिया ने बताया कि उज्जैन में 50 से अधिक जिम हैं और इन सभी जिमों से करीब 250 लोगों का पेट पलता है. अब अगर इस हिसाब से  मध्य प्रदेश में 52 जिलों की बात करें तो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 50000 हजार लोगों की रोजी-रोटी की परेशानी खड़ी हो जाएगी. भदौरिया ने कहा- एक्सरसाइज करने से इम्युनिटी बढ़ती है. जब मोदी जी कह रहे हैं कि इस वक़्त सभी को व्यायाम करना चाहिए, तो ये भेद भाव क्यों.

जिम से कोरोना का एक भी केस नहीं



जिम संचालकों का कहना है कि उज्जैन सहित अन्य जिलों के 90 प्रतिशत जिम या तो किराए पर चल रहे हैं या  लोन लेकर ख़रीदे गए हैं. अब अगर ये जिम अनिश्चित काल के लिए बंद हो जाएंगे तो इसका किराया  और लोन कौन चुकाएगा?  क्या प्रदेश सरकार लोन माफ़ करेगी या हमारा किराया सरकार भरेगी?  आज तक उज्जैन में एक भी कोरोना का केस जिम से नहीं मिला है.  इससे पहले भी  लॉकडाउन में इतने दिन बंद रहने के बाद जैसे-तैसे गाड़ी पटरी पर आई थी और आज फिर एक बार जिम संचालकों को जिम बंद करने का फरमान जारी  कर दिया गया है .
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