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खदान में डूबने से युवक की मौत, खनन विभाग की लापरवाही उजागर

Bijendra Tiwari | News18 Madhya Pradesh
Updated: April 12, 2019, 1:27 PM IST

शव की तलाश करने में गोताखोरों को दो दिन लग गए. करीब दो साल पहले भी यहीं एक युवक की मौत हुई थी. जिले में कई ऐसी खदानें हैं जो बंद नहीं की गई हैं.

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मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में खनन के बाद खदानों को खुला छोड़ देने की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं. लेकिन खनिज विभाग पूरे मामले में आंखों पर पट्टी डाले हुए है. खनिज कारोबारियों की लापरवाही की वजह से एक बार फिर बांका गांव के 16 वर्षीय सुभम यादव को अपनी जान गवांनी पड़ी. बता दें कि सुमन यादव की मौत पत्थर खदान में भरे पानी में डूबने की वजह से हुई.

शव की तलाश करने में गोताखोरों को दो दिन लग गए. करीब दो साल पहले भी यहीं एक युवक की मौत हुई थी. जिले में कई ऐसी खदानें हैं जो बंद नहीं की गई हैं. इस वजह से आम लोगों के अलावा पशु भी आए दिन मौत का शिकार बनते हैं. बताया जा रहा है कि खनन विभाग से जुड़े अधिकारी खदानों को बंद करने को लेकर लापरवाह हैं. यही वजह है कि खदानों से खनन करने के बाद खनिज माफिया उसे खुला छोड़ जाते हैं.

बता दें कि खनिज ठेका या पट्टे की शर्त में खदानों की सुरक्षा का मुद्दा शामिल होता है. माइनिंग प्लान में भी खदानों को बंद करने की बात लिखित में देनी होती है. लेकिन खनन विभाग की लापरवाही से नियमों का पालन नहीं किया जाता.

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First published: April 12, 2019, 1:26 PM IST
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