कोरोना काल में वैट और वाइन ने शिवराज सरकार को किया मालामाल, यहां पढ़ें MP सरकार की आमदनी का पूरा लेखा-जोखा

सीएम शिवराज. (फाइल फोटो)

सीएम शिवराज. (फाइल फोटो)

कोरोना काल में मध्य प्रदेश सरकार (Government of Madhya Pradesh) को वैट (VAT) और वाइन (Wine) से होने वाली आमदनी से मालामाल कर दिया है. साल 2021 जनवरी में सरकार को 928 करोड़ रुपये की आमदनी (Income) शराब से हुई है.

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  • Last Updated: February 3, 2021, 11:52 PM IST
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भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार (Government of Madhya Pradesh) भले ही यह दावा करे कि कोरोना काल (Corona) में पड़ी आर्थिक मार की भरपाई अभी तक नहीं हो पाई है, लेकिन हकीकत ठीक इसके उलट है. आंकड़े बताते हैं कि मध्य प्रदेश सरकार कोरोना काल में वैट (VAT) और वाइन (Wine) से होने वाली आमदनी से मालामाल हो रही है.

आंकड़े बताते हैं कि बीते साल की जनवरी की तुलना में इस साल जनवरी महीने में वैट और वाइन से होने वाली सरकार की आय बढ़ी है. जनवरी महीने में शराब से होने वाली आय के आंकड़े देखें तो बीते साल जनवरी में सरकार को शराब से 839 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी. वहीं इस साल जनवरी में ये बढ़कर 928 करोड़ रुपये हो गयी है. वहीं वैट के बारे में बात करें तो वैट में इस महीने 17 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है.

राजस्व के ये आंकड़े बुधवार को हुई सीएम शिवराज की समीक्षा बैठक के दौरान सामने आए हैं. वैट से होने वाली आय में बढ़ोतरी के बाद अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या मध्य प्रदेश सरकार आम जनता को पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर राहत देगी, क्योंकि मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला टैक्स सबसे ज्यादा है और उसमें एक हिस्सा वैट का भी है.

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यहां हुआ फायदा

स्टाम्प एवं पंजीयन राजस्व की समीक्षा में पाया गया कि बीते साल दिसंबर महीने में 2 प्रतिशत ड्यूटी कम करने के कारण बीते साल की तुलना में 94 प्रतिशत राजस्व वृद्धि हुई है. जनवरी में 19 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है. वहीं खनिज आय में सितम्बर 2020 से अभी तक लगभग 25 से 30 प्रतिशत वृद्धि आई है. जनवरी में 553 करोड़ खनिज राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि बीते साल जनवरी में 428 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ था.



यहां आयी कमी 

परिवहन राजस्व में जनवरी में कमी आई है. इसका एक प्रमुख कारण वाहनों की बिक्री में कमी है. केवल ट्रैक्टर्स की बिक्री बढ़ी है. ट्रैक्टर्स पर पंजीयन शुल्क 01 रुपये और रोड टैक्स शून्य है. यही वजह है कि परिवहन की राजस्व आय में कमी आयी है.

जीएसटी से 4542 करोड़ रुपये मिलेंगे

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी संग्रहण में मध्य प्रदेश अग्रणी राज्य है. राज्यांश के रूप में मध्य प्रदेश को 4542 करोड़ रुपये मिलेंगे, जिसमें से 3866 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं. यह कोरोना संकटकाल में बड़ी राहत है. बैठक में मुख्य सचिव इक़बाल बैंस ने कहा कि बकाया जीएसटी की वसूली के लिए वन टाइम सेटेलमेंट किया जाए. प्रदेश में सरल समाधान योजना के तहत 146.53 करोड़ बकाया जीएसटी की वसूली की जा चुकी है.

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