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गंजबासौदा कुआं हादसा : मजिस्ट्रियल जांच से पहले डीजीपी ने पुलिस प्रशासन को दी क्लीनचिट

मध्य प्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी ने ट्वीट कर पुलिस प्रशासन को क्लीनचिट दे डाली.

मध्य प्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी ने ट्वीट कर पुलिस प्रशासन को क्लीनचिट दे डाली.

डीजीपी का ट्वीट अंश, 'पुलिस के साथ प्रशासनिक दल, एनडीआरएफ, एसडीईआरएफ के विशिष्ट दल ने 24 घंटे से अधिक समय अनवरत मेहनत करते हुए राहत कार्य सम्पन्न किया. पुलिस द्वारा तत्काल पहुंच कर कठिन परिस्थितियों में बिना किसी लापरवाही के पूर्ण निष्ठा से राहत कार्य किया गया.'

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भोपाल. विदिशा के गंजबासौदा में हुए कुएं हादसे मामले की जांच से पहले ही प्रदेश के डीजीपी विवेक जौहरी ने पुलिस प्रशासन को क्लीनचिट दे डाली. क्लीनचिट देने की यह स्थिति तब है, जब विदिशा कलेक्टर पंकज जैन ने अपर जिला मजिस्ट्रेट वृंदावन सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त कर मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं.

डीजीपी ने किया ट्वीट

डीजीपी विवेक जौहरी ने ट्वीट कर बताया कि दुर्घटना की सर्वप्रथम सूचना डायल हंड्रेड को 19:38 पर प्राप्त हुई. 19:42 पर एफआरवी वाहन‌ रवाना हुआ और उनके साथ थाना बल ने घटनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की. थाना प्रभारी ने भी उपस्थित होकर वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और सभी वरिष्ठ अधिकारी, अन्य पुलिस कर्मचारी राहत कार्य में जुड़ गए. पुलिस के साथ प्रशासनिक दल, एनडीआरएफ, एसडीईआरएफ के विशिष्ट दल ने 24 घंटे से अधिक समय अनवरत मेहनत करते हुए राहत कार्य सम्पन्न किया. पुलिस द्वारा तत्काल पहुंच कर कठिन परिस्थितियों में बिना किसी लापरवाही के पूर्ण निष्ठा से राहत कार्य किया गया. जिला विदिशा के थाना बासौदा शहर के अंतर्गत महागौर में हुई दुर्घटना से पीड़ित परिवारों को हम अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं. डीजीपी विवेक जौहरी ने यह क्लीनचिट उस समय दी जब मामले की मजिस्ट्रियल जांच चल रही है. जांच के 6 बिंदु हैं, जिसमें प्रशासनिक जिम्मेदारी, उनकी सक्रियता, दोषियों की पहचान, घटना के बाद की सभी स्थानीय और प्रशासनिक स्थिति का पता करना शामिल है.

हादसे में 11 लोगों की गई थी जान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि गंजबासौदा का 24 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हो गया. 11 पार्थिव शरीर निकाले गए हैं. यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. दु:ख की इस घड़ी में हम शोकाकुल परिवार के साथ हैं. ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं. उन्होंने यह भी बताया था कि ग्रामवासी, विश्वास सारंग जी, गोविंद सिंह राजपूत जी, आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर, एसपी व पूरी NDRF, SDRF, प्रशासकीय टीम ने अथक परिश्रम किया. हम सब पीड़ित परिवारों के साथ हैं और उनकी हरसंभव सहायता की जाएगी. बैरिकेड लगाकर कोई क्लेम हो, तो और दो दिन हम देखेंगे.

कमलनाथ ने लगाया लापरवाही का आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर इस मामले में लापरवाही का आरोप लगाया है. उन्होंने ट्वीट कर बताया कि गंजबासौदा कांड में गंभीर लापरवाही सामने आई है. शिकायत मिलने पर पुलिस-प्रशासन तुरंत सक्रिय हो जाता तो हादसा टल जाता. जांच में इन पहलुओं को शामिल किया जाए. राज्य सरकार प्रत्येक मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 15 लाख रुपयी मुआवजा दे. घायलों को 2 लाख रुपया मुआवजा दिया जाए.

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