कैलाश-मलाला को मिला नोबेल, सत्‍यार्थी बोले- 'बच्‍चों के सपने कुचलना सबसे बड़ा अपराध'

News18
Updated: December 10, 2014, 7:28 PM IST
कैलाश-मलाला को मिला नोबेल, सत्‍यार्थी बोले- 'बच्‍चों के सपने कुचलना सबसे बड़ा अपराध'
भारत के कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई को बुधवार को दुनिया के सर्वोच्‍च सम्‍मान नोबेल शांति पुरस्‍कार से नवाजा गया। नोबेल पुरस्कार के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी भारतीय और पाकिस्तानी को संयुक्त रूप से इस पुरस्कार से नवाजा गया है। यह पुरस्‍कार नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में दिया गया।

भारत के कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई को बुधवार को दुनिया के सर्वोच्‍च सम्‍मान 'नोबेल शांति' पुरस्‍कार से नवाजा गया। नोबेल पुरस्कार के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी भारतीय और पाकिस्तानी को संयुक्त रूप से इस पुरस्कार से नवाजा गया है। यह पुरस्‍कार नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में दिया गया।

  • News18
  • Last Updated: December 10, 2014, 7:28 PM IST
  • Share this:
भारत के कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई को बुधवार को दुनिया के सर्वोच्‍च सम्‍मान 'नोबेल शांति' पुरस्‍कार से नवाजा गया। नोबेल पुरस्कार के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब किसी भारतीय और पाकिस्तानी को संयुक्त रूप से इस पुरस्कार से नवाजा गया है। यह पुरस्‍कार नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में दिया गया।

सत्यार्थी ने अपने संबोधन में कहा कि मैं बाल अधिकारों का एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं और यह अवॉर्ड बच्‍चों और उन शहीद साथियों के नाम करता हूं, जिन्‍होंने बच्‍चों के जीवन के लिए शहादत दी है। उन्होंने कहा कि मैं कुछ और नहीं बच्चों का सैनिक हूं। इस अवसर पर मैं अपनी जन्मभूमि को प्रणाम करता हूं और संपूर्ण विश्व से यह निवेदन करता हूं कि बाल अधिकारों के सारे विश्‍व को एकजुट होकर काम करना चाहिए।

हम सभी को चाहिए कि बच्चों को साथ-साथ लेकर काम करें। नोबेल पुरस्कार विजेता सत्यार्थी ने इस मौके पर अपने माता-पिता को भी याद किया और कहा कि बच्चों के साथ किए गए अपराध से बड़ा और कुछ भी नहीं है। उनके सपनों को  कुचलना विश्व का सबसे बड़ा अपराध है। इस अवसर पर मैं खुद को बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।

उन्होंने कहा कि हम सब को इसी भावना से काम करना चाहिए। इससे पहले सत्यार्थी ने अपने संबोधन की शुरूआत में मलाला यूसुफजई को बेटी कह कर संबोधित किया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम के दौरान ट्विटर पर लिखा कि पूरा देश गर्व और खुशी से ओस्लो में आयोजित इस कार्यक्रम को देख रहा है।

सत्यार्थी ने अपने भाषण की शुरुआत वेद मंत्र के साथ की। उन्होंने कहा है कि सभी साथ-साथ चले और आगे बढ़ें। उन्होंने अपने मां-बाप, अपने साथियों और तमाम हजारों बच्चों को याद किया, जिनको उन्होंने आजाद करवाया था। समारोह में मशहूर सरोद वादक अमजद अली खान अपने बेटों को अमान अली और अयान अली के साथ प्रस्तुति दी। पाकिस्तान के सूफी गायक राहत फतह अली ने भी स्तुति दी।

पुरस्‍कार मिलने के बाद अपने संबोधन में कैलाश सत्‍यार्थी ने ये प्रमुख बातें कहीं

सभ्‍य समाज में बाल श्रम कलंक की तरह
Loading...

18 साल पहले बाल श्रम खत्‍म करने की मुहिम शुरू की

मेरा सपना सभी बच्‍चों को हंसने और पढ़ने की आजादी मिले

मलाला सिर्फ मलाला नहीं मेरी बेटी है : कैलाश

भारतीय पिता पाकिस्‍तानी बेटी से मिला : कैलाश

बच्‍चों के सपनों को कुचलने से बड़ा कोई अपराध नहीं

बच्‍चे शिक्षा से ही हर समस्‍या का सामना कर सकते हैं

मेरा पूरा जीवन बच्‍चों को आजादी दिलाने के लिए समर्पित है और रहेगा

मैंने हमेशा बच्‍चों की आजादी में अपनी आजादी देखी

मैं बच्‍चों का सैनिक हूं

यहां आकर मैं बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं

मैं यहां सभी बच्‍चों के सपनों और भावनाओं को लेकर आया हूं

सत्‍यार्थी ने इस मौके पर माता-पिता और जन्‍मभूमि भारत को किया याद

बच्‍चों का बचपन लौटाने में मेरा सहयोग करने वाले सभी साथियों का आभारी हूं

मैंने बच्‍चों के चेहरों में हमेशा भगवान को देखा है

विश्‍व के कल्‍याण के लिए हम सभी को एकजुट होना होगा : सत्‍यार्थी

सत्‍यार्थी ने संस्‍कृत में एक मंत्र के साथ की अपने संबोधन की शुरुआत

कैलाश सत्‍यार्थी ने मलाला और अन्‍य सभी लोगों को धन्‍यवाद दिया

पुरस्‍कार मिलने के बाद अपने संबोधन में मलाला यूसुफजई ने ये प्रमुख बातें कहीं

लोग मुझे अलग-अलग तरह से देखते हैं, अलग-अलग नाम से बुलाते हैं

शिक्षा बच्‍चों के लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद और जरूरत है

बच्‍चों के उज्‍जवल भविष्‍य के लिए उन्‍हें शिक्षा से जोड़ना होगा

यह सम्‍मान हर बच्‍चे की आवाज है

मेरे दादाजी मुझे दुनिया की सबसे खुश लड़की कहते थे

हम मिलकर बाल अधिकारों के लिए काम कर सकते हैं

पिता ने मुझे उड़ने की आजादी दी

मां ने मुझे इस्‍लाम का असली मतलब समझाया : मलाला

मेरे हर कदम पर मेरा साथ देने वाली मेरी मां, मेरे गुरु और साथियों का भी धन्‍यवाद

 

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए विदिशा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 10, 2014, 6:49 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...