कैलाश सत्यार्थी को मिला नोबेल पुरस्‍कार, पढ़ें उनकी जिंदगी से जुड़ी 10 खास बातें

News18
Updated: December 11, 2014, 8:42 AM IST
कैलाश सत्यार्थी को मिला नोबेल पुरस्‍कार, पढ़ें उनकी जिंदगी से जुड़ी 10 खास बातें
बचपन बचाओ आंदोलन के जनक कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई समेत 11 हस्तियों को बुधवार यानी आज 2014 के नोबेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम और नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में नोबेल विजेताओं को नोबेल पदक, नोबेल डिप्लोमा और उनकी पुरस्कार राशि की पुष्टि करने वाले पत्र दिए जाएंगे। सत्यार्थी (60) और यूसुफजई (17) को ओस्लो में सम्मानित किया जाएगा और दोनों नोबेल शांति पुरस्कार की 11 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि साझा करेंगे।

'बचपन बचाओ' आंदोलन के जनक कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई समेत 11 हस्तियों को बुधवार यानी आज 2014 के नोबेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम और नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में नोबेल विजेताओं को नोबेल पदक, नोबेल डिप्लोमा और उनकी पुरस्कार राशि की पुष्टि करने वाले पत्र दिए जाएंगे। सत्यार्थी (60) और यूसुफजई (17) को ओस्लो में सम्मानित किया जाएगा और दोनों नोबेल शांति पुरस्कार की 11 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि साझा करेंगे।

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'बचपन बचाओ' आंदोलन के जनक कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफजई समेत 11 हस्तियों को बुधवार यानी आज 2014 के नोबेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम और नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में नोबेल विजेताओं को नोबेल पदक, नोबेल डिप्लोमा और उनकी पुरस्कार राशि की पुष्टि करने वाले पत्र दिए जाएंगे। सत्यार्थी (60) और यूसुफजई (17) को ओस्लो में सम्मानित किया जाएगा और दोनों नोबेल शांति पुरस्कार की 11 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि साझा करेंगे।

सवा सौ करोड़ भारतीयों का सम्मान

नोबेल पुरस्‍कार पाने वाले समाजसेवी कैलाश सत्यार्थी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा थ्‍ाा कि यह सम्मान सवा सौ करोड़ भारतीयों का सम्मान है। यह भारत के लोकतंत्र की जीत है जिसकी वजह से भारत से ये लड़ाई आरंभ हुई और आज दुनिया में हम जीत रहे हैं।

कैलाश के जीवन से जुड़ी 10 खास बातें :

1-कैलाश सत्‍यार्थी का जन्‍म 11 जनवरी 1954 को मध्‍यप्रदेश के विदिशा में हुआ था। उनका पुश्‍तैनी घर विदिशा के काजीगली नंदर किला में है।

2-पांच की उम्र में कैलाश ने स्‍कूल जाना शुरू किया था। स्‍कूल के पहले दिन ही उन्‍हें एक बच्‍चा जूता पॉलिश करते दिखा था। इसी घटना ने कैलाश को बच्‍चों के लिए काम करने की प्रेरणा मिली।

3-जब उनकी उम्र 11 साल की थी और वह छठी में पढ़ते थे, तब उन्‍होंने एक ठेला किराए पर लगा दिया था। इस ठेले से होने वाली कमाई से वह पढ़ाई छोड़ चुके बच्‍चों के लिए किताबें खरीदते थे और उन्‍हें दोबारा स्‍कूल आने के लिए प्रेरित करते थे।
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4-पेशे से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर रहे कैलाश सत्यार्थी ने 26 वर्ष की उम्र में ही करियर छोड़कर बच्चों के लिए काम करना शुरू कर दिया था।

5-कैलाश ने 1980 में बचपन बचाओ आंदोलन नामक स्‍वयंसेवी संस्‍था की शुरुआत की।

6-'बचपन बचाओ' आंदोलन संस्‍था अब तक 84 हजार से ज्‍यादा बच्‍चों को नई जिंदगी दे चुका है।

7-कैलाश सत्यार्थी जेपी आंदोलन में भी सक्रिय रहे। उनके मुताबिक जेपी आंदोलन के बाद उन्‍हें राजनीति में आने का भारी दबाव था, लेकिन तब वह केवल 23 साल के थे, इसलिए चुनाव लड़ने से कन्‍नी काट गए।

8-जनता दल (युनाइटेड) के अध्‍यक्ष शरद यादव कैलाश के बचपन के दोस्‍त हैं।

9-1978 में कैलाश की शादी सुमेधा सत्यार्थी से हुई थी। उनके परिवार में उनकी पत्‍नी, एक बेटी, बेटा और बहू है।

10- कैलाश सत्‍यार्थी को नोबेल से पहले डेफेंडर ऑफ डेमोक्रेसी अवार्ड (अमेरिका), अलफांसो कोमिन इंटरनेशनल अवार्ड (स्‍पेन), मेडल ऑफ द इटालियन सीनेट, फ्रीडम अवार्ड (अमेरिका), वैलेनबर्ग मेडल, यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन आदि कई अंतरराष्‍ट्रीय पुरस्‍कार मिल चुके हैं।

 

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First published: December 10, 2014, 10:01 AM IST
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