लाउडस्पीकर बंद करने को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने बरसाई लाठियां

दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन चल समारोह में साउंड और डीजे बंद करवाने को लेकर पुलिस प्रशासन और आयोजन समिति के बीच बहस हो गई. जहां आयोजन समिति धार्मिक आयोजन का हवाला देते हुए साउंड बंद नहीं करने का पक्ष रख रही थी तो वहीं प्रशासन आचार संहित लागू होने का हवाला देकर साउंड बंद करवाना चाहता था.

News18 Madhya Pradesh
Updated: October 21, 2018, 4:46 PM IST
लाउडस्पीकर बंद करने को लेकर हुआ विवाद, पुलिस ने बरसाई लाठियां
पुलिस लाठीचार्ज में घायल व्यक्ति
News18 Madhya Pradesh
Updated: October 21, 2018, 4:46 PM IST
मध्य प्रदेश के विदिशा में दशहरा चल समारोह में देर रात पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी. पुलिस के लाठीचार्ज में करीब 20 से 25 लोग घायल हो गए. समारोह के दौरान लाउड स्पीकर बंद करवाने को लेकर पुलिस प्रशासन और आयोजन समिति के बीच शुरू हुआ विवाद थमता दिखाई नहीं दिया तो पुलिस ने मौके की नजाकत को देखते हुए लाठियां बरसा दी.

मिली जानकारी के अनुसार विदिशा में रात से शुरू होकर सुबह तक निकलने वाले दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन चल समारोह में साउंड और डीजे बंद करवाने को लेकर पुलिस प्रशासन और आयोजन समिति के बीच बहस हो गई. जहां आयोजन समिति धार्मिक आयोजन का हवाला देते हुए साउंड बंद नहीं करने का पक्ष रख रही थी तो वहीं प्रशासन आचार संहित लागू होने का हवाला देकर साउंड बंद करवाना चाहता था.



इसी बात को लेकर पुलिस और कार्यकर्म आयोजन समिति के बीच विवाद बढ़ गया. विवाद बढ़ता देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें अनेक दर्शानर्थी भी घायल हो गए. पुलिस की इस कार्रवाई से हिंदूवादी संगठन में नाराजगी है और झांकी संचालकों ने विरोध स्वरूप प्रतिमाओ का विसर्जन रात में नहीं कर सुबह किया.

मामले में हिंदू उत्सव समिति ने आरोप लगाया कि पुलिस ने धार्मिक आयोजन पर लाठीचार्ज किया है और आचार संहिता के नाम पर जबरन परेशान किया है, वहीं एसपी विनीत कपूर ने कहा कि पुलिस ने बचाव करते हुए हल्का बल प्रयोग किया है, जिससे आचार संहिता का पाल हो सके.

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