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छाया में बैठ सकते हैं हजारों लोग, एक दिन में एक हजार को देता है ऑक्सीजन, जानिए क्यों खास है ये बरगद का पेड़

मध्य प्रदेश के विदिशा के पास अनोखा बरगद है. इसकी विशालता पर यकीन करना आसान नहीं. (File)

मध्य प्रदेश के विदिशा के पास एक ऐसा बरगद का पेड़ है जो हजारों को एक साथ छाया दे सकता है. ये बरगद का पेड़ वर्षों पुराना है. इसी की छाया में बैठकर कई सामूहिक विवाह भी हुए हैं.

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    विदिशा. मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के पास एक ऐसा पेड़ है जिसके नीचे हजारों लोग बैठ सकते हैं. ये पेड़ हजारों सामूहिक विवाहों का भी गवाह है. इसकी जड़ें 700 मीटर तक फैली हुई हैं. ये पेड़ एक साल में ढाई हजार किग्रा से ज्यादा ऑक्सीजन देता है. एक दिन में एक हजार लोगों को ऑक्सीजन देता है. विश्व पर्यावरण दिवस पर आपको बताते हैं कितना अनोखा है ये पेड़.

    यह वटवृक्ष विदिशा जिले से 50 किमी दूर कालू आमखेड़ा में है. वन विभाग के मुताबिक, इसकी छाया में हजारों लोग एक साथ आराम कर सकते हैं. अधिकारी बताते हैं कि जब भी सामूहिक विवाह होते हैं तो इसी पेड़ को चुना जाता है. इस पेड़ के नीचे 100 जोड़े बड़े आराम से फेरे ले सकते हैं.

    700 मीटर से ज्यादा गहरी शाखाएं

    जानकारी के मुताबिक, इस वटवृक्ष की शाखाएं जमीन में 700 मीटर से ज्यादा तक फैली हुई हैं. वटवृक्ष कितना विशाल है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह एक दिन में एक हजार लोगों को ऑक्सीजन देने की क्षमता रखता है. संभवतः यह प्रदेश का सबसे बड़ा वटवृक्ष है.

    लक्ष्मण से जुड़ी है कहानी

    बताया जाता है कि इस वटवृक्ष की कहानी लक्ष्मण से जुड़ी हुई है. श्री राम ने जब मां सीता का परित्याग किया था, तब लक्ष्मण यहां आए थे और इसी के नीचे आराम किया था. इसी कारण इस वटवृक्ष का नाम लक्ष्मण वटवृक्ष रखा गया है. यहां मां सीता और लक्ष्मण की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं.

    इसलिए है खास

    विशेषज्ञ बताते हैं कि बरगद का तना जबरदस्त होता है और इसमें पत्ते बहुत ज्यादा होते हैं. इस वजह से इसमें से ऑक्सीजन भी ज्यादा निकलती है. 700 मीटर तक फैला बरगद का पेड़ एक दिन में एक हजार लोगों को ऑक्सीजन दे सकता है. यह एक हजार साल तक जीवित रह सकता है. इस पेड़ के बारे में बताया जाता है कि यह 500 से ज्यादा साल पुराना है.