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Youngest Sarpanch: सबसे कम उम्र की महिला सरपंच बनना चाहती हैं विधायक, 8 किलोमीटर चलकर की 12वीं तक की पढ़ाई

सरपंच कोमल त्रिपाठी अभी एमसीए कर रही हैं.

सरपंच कोमल त्रिपाठी अभी एमसीए कर रही हैं.

मध्यप्रदेश की 21 साल की सबसे युवा सरपंच कोमल त्रिपाठी (Komal Tripathi) अपने गांव में विकास की नई इबारत लिखने जा रही हैं ...अधिक पढ़ें

भोपाल. Komal Tripathi Youngest Sarpanch: मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव का आयोजन जून और जुलाई के महीनों में किया गया था. इस साल हुए पंचायत चुनाव में 21 साल की कोमल त्रिपाठी ने सबसे कम उम्र की महिला सरपंच (Youngest Sarpanch) होने का गौरव प्राप्त किया है. कोमल त्रिपाठी, मध्यप्रदेश के रीवा जिले की सिरमौर विधानसभा के अंतर्गत आने वाली मोहरवा ग्राम पंचायत का प्रतिनिधित्व करती हैं. अपने गांव में विकास की नई इबारत लिखने जा रही कोमल (Youngest Sarpanch Komal Tripathi) का बचपन काफी कठिनाईयों में बीता है. स्कूल जाने के लिए कोमल को रोजाना 8 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था. अब कोमल अपने गांव में 12वीं तक का स्कूल और पंचायत भवन बनवाना चाहती हैं. पेश है मोहरवा की सरपंच कोमल त्रिपाठी से बातचीत के प्रमुख अंश

प्रश्न – 18 साल की उम्र में पहला मतदान और 21 साल की उम्र में गांव की प्रधान, कैसा लग रहा है?
उत्तर – बहुत अच्छा लग रहा है कि मुझे गांव के विकास के लिए चुना गया है. जब से चुनाव लड़ने की तैयारियां शुरू की थी. तब से ही बहुत उत्साहित हूं.

प्रश्न – आपके सरपंच बनने से मोहरवा ग्राम पंचायत का नाम पूरे प्रदेश में लिया जा रहा है, क्या कहेंगी?
उत्तर – मेरी गांव की चर्चा और पहचान मेरे चुनाव जीतने की वजह से बढ़ी है, इससे मैं बहुत खुश हूं. मैं अपने गांव में विकास के बहुत से और कार्य करना चाहती हूं. जिससे इसकी पहचान और ज्यादा बढ़े.

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प्रश्न – ऐसी क्या परिस्थियां बनी कि आपने पंचायत चुनाव में उतरने का फैसला किया?
उत्तर – मेरे गांव में शासन के स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं का अभाव है. जिससे स्थानीय जनता काफी परेशान थी. जनता को सभी योजनाओं का लाभ दिला सकूं इसलिए मैने चुनाव में उतरने का फैसला लिया और ग्रामवासियों ने मुझे अपने प्रतिनिधि के रूप में चुना.

प्रश्न – चुनाव में आपके सामने कई उम्मीदवार थे, वो क्या स्ट्रैटजी थीं जिससे आपने सभी को पीछे छोड़ दिया? 
उत्तर – जो लोग उम्मीदवार थे उनमें से कुछ लोग पहले भी सरपंच रह चुके थे लेकिन अपने कार्यकाल में उन्होंने कुछ विकास नहीं किया. जबकि मेरे परिवार द्वारा पद में ना रहते हुए भी कई विकास कार्यों को किया गया था. ऐसे में स्थानीय जनता ने मुझे शिक्षित उम्मीदवार के तौर पर चुनने का फैसला किया.

प्रश्न – आप अपनी शिक्षा के बारे में बताइए. कहां से और क्या पढ़ाई की है आपने?
उत्तर – मैं मोहरवा की रहने वाली हूं. मेरे गांव से 8 किलोमीटर दूर हर्दी कपसा है. वहां जाकर मैंने 12वीं तक की पढ़ाई की. इसके बाद बीसीए की पढ़ाई करने के लिए मैं रीवा आ गई. अभी मै एमसीए कर रही हूं.

प्रश्न – अपनी पढ़ाई के साथ राजनीति को कैसे मैनेज करेंगी आप?
उत्तर – मैं जनता के कामों के लिए हमेशा आगे रहूंगी. उनकी जरूरत में हमेशा उनके साथ रहूंगी. इसके साथ ही अपनी पढ़ाई भी जारी रखूंगी.

प्रश्न – आगे क्या कुछ करने और बनने का सपना है आपका?
उत्तर – पढ़ाई करने मैं इंजीनियर बनना चाहूंगी. इसके साथ ही राजनीति में भी आगे जाना चाहूंगी. पब्लिक का सपोर्ट मिलता है तो जिला पंचायत और विधायक के चुनाव लड़ना चाहूंगी.

प्रश्न – गांव में जब लोगों से मिलती हैं तो क्या कुछ बड़ी समस्याएं सामने आती हैं?
उत्तर – गांव में लोगों के पास विकास को लेकर कई समस्याएं हैं. गांव में पंचायत भवन और हॉस्पिटल नहीं हैं. बिजली और रोड़ की भी काफी समस्या है. इसके कारण जनता को काफी असुविधा होती है.

प्रश्न – कई बार देखने में आता है कि जिन पंचायतों में महिला सरपंच हैं, वहां का काम-धाम और राजनीति उनके घर वाले करते हैं. ये कहां तक सही है?
उत्तर – पहले के समय में ऐसा होता रहा है लेकिन महिलाओं को काफी सपोर्ट मिल रहा है. अब महिलाएं आगे बढ़कर अपनी फील्ड में काम कर रही हैं.

प्रश्न – कई सारे गांव अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, आपको क्या कारण नजर आते हैं?
उत्तर – जिन भी विभागों के ये काम हैं वहां जाकर, बातचीत करके, सामंजस्य बनाकर ये काम करवाए जा सकते हैं. विकास के काम गांव-गांव में होने चाहिए.

प्रश्न – अपने गांव मोहरवा को आदर्श ग्राम पंचायत बनाने के लिए क्या कदम उठाएंगी?
उत्तर – सबसे पहले तो मैं पंचायत भवन का निर्माण करवाउंगी. हॉस्पिटल नहीं है, आंगनवाड़ी नहीं हैं, स्कूल नहीं हैं, सड़कों की हालत जर्जर है. बारी-बारी से रोड़, हॉस्पिटल, आंगनवाड़ी सबका निर्माण करवाउंगी. सुविधाओं के मामले में मेरा गांव काफी पीछे है इसके विकास के लिए काम करूंगी. गांव में अभी 8वीं तक का स्कूल है इसे हायर सेकंडरी तक करवाने का प्रयास करूंगी. आवारा पशु की समस्या काफी ज्यादा है, किसानों को राहत मिले इस दिशा में भी कार्य करूंगी.

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