लापरवाही! 1 वैन में श्‍मशान लाए गए कोविड 19 मरीजों के 12 शव, लोगों में गुस्‍सा

कोरोना वायरस संक्रमितों के शवों के साथ लापरवाही.

अहमदनगर (Ahmednagar) नगर निगम के आयुक्‍त ने इस मामले में अहमदनगर सिविल अस्पताल के प्रशासन को दोषी ठहराया.

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    मुंबई. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) से कुछ राज्‍यों में हालात चिंताजनक हैं. महाराष्‍ट्र भी इनमें से एक है. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) में कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) के मामलों में तेजी आई है. वहीं अहमदनगर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. वहां एक शव वाहन में 12 कोविड-19 मरीजों के शव एक साथ एक दूसरे के ऊपर ढेर करके रख दिए गए थे. उन्‍हें रविवार को अहमदनगर में श्मशान में अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया था. राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों के विरोध के बाद अहमदनगर नगर निगम ने कहा कि वह इस मामले की जांच करेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा.

    अहमदनगर नगर निगम के आयुक्‍त श्रीकांत माइकलवर का कहना है, 'हमने अपने चौथे दर्जे के एक कर्मचारी को नोटिस जारी किया है. उसका काम इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करना और कोविड 19 लोगों के शवों को शवदाह गृह में लाकर उनका अंतिम संस्‍कार करवाना था.' वहीं महाराष्‍ट्र के अहमदनगर में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से 10 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं. साथ ही करीब 112 लोगों की इससे मौत भी हुई है.

    अहमदनगर नगर निगम के आयुक्‍त ने इस मामले में अहमदनगर सिविल अस्पताल के प्रशासन को दोषी ठहराया. उन्‍होंने कहा, 'यह सुनिश्चित करना अस्पताल प्रशासन का काम था कि शवों को शव वाहन में ठीक से व्यवस्थित किया जाए और फिर श्मशान में भेज दिया जाए. ऐसा लगता है कि उन शवों को रखने के लिए कोई स्ट्रेचर का इस्तेमाल नहीं किया गया था. अगर पीपीई किट की समस्या थी, तो उन्हें इसके लिए पूछना चाहिए था. हमारी सेवा में पांच एम्बुलेंस भी हैं. वे एम्बुलेंस सेवा के लिए भी पूछ सकते थे.'

    अहमदनगर सिविल अस्पताल के सिविल सर्जन के रूप में अस्थायी प्रभार संभाल रहे सुनील पोखरना ने इस पूरे मामले में कहा, 'अस्पताल अंतिम संस्कार के लिए कोविड 19 मरीजों के शवों को श्मशान में ले जाने के लिए जिम्मेदार नहीं है. हमारा काम तब खत्म हो जाता है जब हम नगर निगम कर्मचारियों को ये शव सौंप देते हैं. रविवार को हमारे पास कोरोना मरीजों के 12-15 शव पड़े थे. हमने सभी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद शवों को नगर निगम कर्मियों को सौंप दिया. उसके बाद, वे कर्मचारी शवों को श्मशान ले गए.

    इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, माइकलवर ने कहा, 'सिविल हॉस्पिटल प्रशासन समय पर कोरोना मरीजों के शवों का निपटान नहीं कर रहा था. उन्होंने 8 अगस्त को हमें एक पत्र लिखा था जिसमें कहा गया था कि हमें शवों को हटा देना चाहिए क्योंकि शव सड़ रहे थे. उनके अनुसार अहमदनगर में हर दिन एक या दो कोविड 19 से जुड़ी मौते सामने आ रही हैं. 12 शव कई दिनों तक नागरिक अस्पताल में रहे होंगे.

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