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    महामारी में मां ने नौकरी गंवाई तो बेटे ने जिम्मेदारी उठाई, 14 साल का शुभन बेचने लगा चाय

    शुभन के पिता की 12 साल पहले मौत हो चुकी है. (फोटो:ANI/Twitter)
    शुभन के पिता की 12 साल पहले मौत हो चुकी है. (फोटो:ANI/Twitter)

    कोरोना वायरस (Corona Virus) के कारण शुभन की मां ने नौकरी गंवा दी थी, जिसकी वजह से घर की आर्थिक हालत खराब हो गई थी. ऐसे में बेटे ने बगैर दुकान के चाय बेचना शुरू किया. वह स्कूल खुलने के बाद फिर पढ़ाई शुरू करेगा.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 30, 2020, 4:49 PM IST
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    मुंबई. कोरोना वायरस ने लोगों के स्वास्थ्य ही नहीं जेब को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. महामारी के इस दौर में लाखों लोगों ने अपनी नौकरियां गंवा दीं. इन्हीं लोगों में शामिल है मुंबई (Mumbai) में रहने वाले 14 साल के शुभन (Shubhan) का परिवार. खैर मुश्किलों से भागने के बजाए शुभन ने परिवार के लिए कमाने का जिम्मा उठाया है. वह चाय बेचकर घर की जरूरतें पूरी करता है.

    पिता की हो चुकी है मौत
    मार्च के बाद से ही देश के कई स्कूलों पर ताले लग गए थे. सरकार ने कोरोना रोकथाम के लिए स्कूलों को बंद (School closed) करने का आदेश दिया था. इसी आदेश का सीधा असर शुभन की मां पर भी पड़ा. उसकी मां स्कूल बस पर अटेंडेंंट के तौर पर काम करती थीं, लेकिन स्कूल बंद होने के कारण उनकी नौकरी चली गई है. शुभन 12 साल पहले ही अपने पिता को खो चुका है. ऐसे में उसने चाय बेचना शुरू किया है. जिसकी मदद से वह परिवार का खर्च चला रहा है.

    ...ताकि बहन पढ़ाई कर सके
    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए शुभन ने बताया कि उसके पिता की मौत 12 साल पहले हो गई थी और बहन ऑनलाइन क्लासेज के जरिए पढ़ाई करती है. उसने कहा, 'स्कूल खुलने के बाद मैं भी अपनी पढ़ाई जारी रखूंगा. मेरी मां स्कूल बस में अटेंडेंट थीं, लेकिन स्कूल बंद होने के कारण हम आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं.' शुभन ने कहा कि वह भिंडी बाजार की एक दुकान पर चाय बनाकर नागपाड़ा, भिंडी बाजार और दूसरे इलाकों में बेचता है. उसने बताया कि उसके पास दुकान नहीं है. वह दिन में 300-400 रुपए कमा लेता है और कुछ पैसे बचाकर बाकी मां को देता है.
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