मुंबई में RT-PCR की फर्जी नेगेटिव रिपोर्ट बनाने वाले 2 लोग गिरफ्तार

दो आरोपी किए गए गिरफ्तार. (Pic- News18)

दो आरोपी किए गए गिरफ्तार. (Pic- News18)

Coronavirus: मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार दोनों आरोपियों में से एक आरोपी लैब में काम करता है और उसे पता था कि किस तरीके से लैब में आरटी पीसीआर की रिपोर्ट बनती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2021, 1:21 PM IST
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मुंबई. जहां एक तरफ कोरोना वायरस (Coronavirus) मुंबई और महाराष्ट्र में अपना कहर मचा रहा है. वहीं दूसरी तरफ इस खतरनाक बीमारी की आड़ में कुछ लोग पैसे कमाने में लगे हैं. मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai) ने दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी तरीके से आरटी पीसीआर (RT-PCR) नेगेटिव रिपोर्ट बनाकर पैसे लेकर लोगों को बेचा करते थे.

मुंबई पुलिस के डीसीपी अकबर पठान के मुताबिक यह दोनों आरोपी कई दिनों से फर्जी आरटी पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट बनाकर बेच रहे थे. पुलिस के मुताबिक इन दोनों आरोपियों ने अब तक 100 से ज्यादा फर्जी नेगेटिव रिपोर्ट लोगों को बेची हैं. हर एक नेगेटिव रिपोर्ट तकरीबन हजार रुपये में लोगों को बेची जाती थी.

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मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार दोनों आरोपियों में से एक आरोपी लैब में काम करता है और उसे पता था कि किस तरीके से लैब में आरटी पीसीआर की रिपोर्ट बनती है. पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि यह दोनों आरोपी लैब रिपोर्ट से सारी डिटेल लेते थे और बाद में उसमें छेड़छाड़ करके आरटी पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट बनाकर लोगों को बेचा करते थे.
मुंबई क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद लोकल पुलिस स्टेशन में दोनों को हवाले कर दिया है. अब लोकल पुलिस स्टेशन इस पूरे मामले में जांच करेगी कि आखिरकार इन दोनों के साथ-साथ और कितने लोग पूरे मुंबई में है जो फर्जी नेगेटिव रिपोर्ट बनाकर लोगों को बेचा करते थे. जानकारों का मानना है कि जब मुंबई में कोरोना वायरस के मामले सबसे ज्यादा आ रहे हैं और कोरोना वायरस की वजह से ही लोगों की मौतें भी हो रही हैं, ऐसे में आरटी पीसीआर की फर्जी नेगेटिव रिपोर्ट से यह कहा नहीं जा सकता है कि कितने लोगों को कोरोना पॉजिटिव हुआ होगा.



आपको बता दें कि महाराष्ट्र के बाहर जाने से पहले कई राज्यों में लोगों को आरटी पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट ले जाना अनिवार्य है. इसी वजह से लोग कोरोना वायरस टेस्ट से बच जाते थे और आरटी पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट फर्जी तरीके से बनवाकर महाराष्ट्र के बाहर आसानी से चले जाते थे. क्योंकि बाहर जाते समय ट्रेन से, हवाई यात्रा और सड़क से बाहर जाने वाले सभी लोगों को आरटी पीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट साथ में रखना जरूरी है. इसी का फायदा इन दोनों आरोपी ने उठाया.
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